राजस्थान में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक तेज आंधी, मेघगर्जन, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के सक्रिय होने से अचानक मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने और कुछ क्षेत्रों में ओले गिरने की भी संभावना है। इससे तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।
हालांकि इस बदलाव से जहां आमजन को राहत मिलेगी, वहीं किसानों की चिंता बढ़ गई है। खेतों में इस समय गेहूं, सरसों और अन्य फसलें पककर तैयार हैं या कटाई के अंतिम चरण में हैं। ऐसे में तेज आंधी, बारिश या ओलावृष्टि होने पर फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
किसानों ने बताया कि अगर अचानक बारिश या ओलावृष्टि होती है, तो खड़ी फसल गिर सकती है और कटाई के बाद रखा अनाज भी खराब हो सकता है। इससे उनकी मेहनत पर पानी फिर सकता है और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसल को सुरक्षित स्थान पर रखें और मौसम की जानकारी पर नजर बनाए रखें।
कुल मिलाकर, प्रदेश में मौसम का यह बदलाव जहां गर्मी से राहत देगा, वहीं किसानों के लिए चुनौती भी लेकर आ सकता है, इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है।

