रामसागर झील की पाल से सीपेज रोकने की घोषणा के बाद जल संसाधन विभाग सक्रिय, सर्वे शुरू
कस्बे में शनिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा रामसागर झील की पाल से हो रहे सीपेज को रोकने की घोषणा के बाद प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। घोषणा के कुछ ही घंटों बाद जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत सर्वे शुरू कर दिया।
विभागीय टीम ने शाम के समय झील क्षेत्र का निरीक्षण किया और उन स्थानों को चिन्हित किया, जहां से पानी का रिसाव (सीपेज) हो रहा है। अधिकारियों ने झील की संरचना, पाल की स्थिति और आसपास के जल दबाव क्षेत्रों का भी बारीकी से अध्ययन किया। प्रारंभिक निरीक्षण में कुछ कमजोर हिस्सों की पहचान की गई है, जहां मरम्मत और मजबूती की आवश्यकता बताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, सर्वे रिपोर्ट आगामी दो दिनों में तैयार कर मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी, जिसमें मरम्मत कार्य, तकनीकी सुधार और स्थायी समाधान शामिल हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि रामसागर झील लंबे समय से सीपेज की समस्या से जूझ रही है, जिससे जल स्तर और संरचना दोनों पर असर पड़ रहा है। मानसून और जलभराव के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है।
जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि यह निरीक्षण मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्राथमिकता के आधार पर किया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रिपोर्ट के आधार पर जल्द ही प्रभावी कदम उठाए जाएंगे ताकि झील की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि जल्द ही स्थायी समाधान निकलने से झील का संरक्षण मजबूत होगा। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत कार्य नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
फिलहाल, सर्वे प्रक्रिया जारी है और प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट मिलने के बाद तत्काल प्रभाव से कार्य योजना को अमल में लाया जाएगा।

