राजस्थान के बांधों में जलस्तर की स्थिति जारी, बीसलपुर बांध में 65.42% पानी भरा; मानसून से बढ़ी उम्मीदें
राजस्थान में मानसून की बारिश के बीच प्रदेश के प्रमुख बांधों के जलस्तर की स्थिति जारी की गई है। 3 अगस्त तक जारी आंकड़ों के अनुसार, जयपुर सहित कई जिलों की पेयजल जरूरतों को पूरा करने वाले बीसलपुर बांध में कुल भराव क्षमता का 65.42 प्रतिशत पानी उपलब्ध है। बारिश के चलते प्रदेश के कई बांधों में जल आवक बढ़ी है, जिससे जल संसाधन विभाग को राहत मिली है। हालांकि, कुछ बांध अभी भी अपनी पूर्ण भराव क्षमता से काफी दूर हैं।
बीसलपुर बांध में बढ़ा जलस्तर
बीसलपुर बांध राजस्थान के सबसे महत्वपूर्ण जल स्रोतों में से एक है। यह जयपुर, अजमेर और टोंक सहित कई क्षेत्रों की पेयजल आपूर्ति का प्रमुख आधार है।3 अगस्त तक बांध में 65.42 प्रतिशत जल भराव दर्ज किया गया है। मानसून के दौरान लगातार बारिश होने से बांध में पानी की आवक बनी हुई है।
मानसून पर टिकी जल भंडारण की उम्मीद
प्रदेश में इस बार मानसून की स्थिति उतार-चढ़ाव वाली रही है। कई जिलों में बारिश कम होने से जल स्रोतों पर दबाव बना हुआ है, वहीं कुछ क्षेत्रों में अच्छी बारिश से बांधों में पानी की आवक बढ़ी है।जल संसाधन विभाग लगातार बांधों के जलस्तर की निगरानी कर रहा है और आवश्यकता के अनुसार पानी के प्रबंधन की योजना बनाई जा रही है।
अन्य बांधों की भी हो रही निगरानी
राजस्थान के प्रमुख बांधों जैसे कोटा बैराज, माही बांध, जवाई बांध सहित अन्य जलाशयों की स्थिति पर भी विभाग नजर बनाए हुए है।अधिकारियों का कहना है कि बारिश के आने वाले दौर के आधार पर जल भंडारण की स्थिति में और सुधार की उम्मीद है।
पेयजल प्रबंधन पर प्रशासन की नजर
जयपुर जैसे बड़े शहरों के लिए बीसलपुर बांध बेहद अहम है। बांध में उपलब्ध पानी को देखते हुए प्रशासन पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को लेकर लगातार समीक्षा कर रहा है।जल विभाग ने लोगों से भी पानी का उपयोग सावधानी से करने की अपील की है, ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।फिलहाल मानसून के अगले दौर से प्रदेश के जलाशयों में और पानी आने की उम्मीद जताई जा रही है। अधिकारियों की नजर लगातार बांधों के जलस्तर और बारिश के आंकड़ों पर बनी हुई है।

