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राजस्थान की खेल एकेडमियों में दाखिले के बाद भी इंतजार, 816 खिलाड़ियों का भविष्य अधर में

राजस्थान की खेल एकेडमियों में दाखिले के बाद भी इंतजार, 816 खिलाड़ियों का भविष्य अधर में

राजस्थान में खिलाड़ियों के खेल के साथ अब उनकी शिक्षा पर भी असर पड़ता नजर आ रहा है। राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रदेश की 25 रेजिडेंशियल खेल एकेडमियों के लिए 816 खिलाड़ियों का चयन फरवरी में ही कर लिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक एकेडमियां शुरू नहीं हो सकी हैं। इससे चयनित खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।

जानकारी के अनुसार, राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल ने 9 से 17 फरवरी के बीच प्रदेशभर में चयन प्रक्रिया आयोजित कर 25 आवासीय खेल एकेडमियों के लिए खिलाड़ियों का चयन किया था। चयनित खिलाड़ियों को खेल प्रशिक्षण के साथ-साथ शिक्षा की सुविधा भी उपलब्ध कराई जानी थी। योजना के मुताबिक, एकेडमियों को 1 अप्रैल से शुरू किया जाना था, ताकि खिलाड़ियों का स्कूलों में प्रवेश कराया जा सके और गर्मी की छुट्टियों के दौरान उन्हें अनुभवी कोचों के मार्गदर्शन में समर कैंप के जरिए प्रशिक्षण मिल सके।

लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी एकेडमियों का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण चयनित खिलाड़ी न तो नियमित प्रशिक्षण शुरू कर पाए हैं और न ही उनकी शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकी है। कई खिलाड़ियों और उनके परिवारों को अब अगले कदम का इंतजार है।

खेल विशेषज्ञों का कहना है कि खिलाड़ियों के लिए समय पर प्रशिक्षण शुरू होना बेहद जरूरी होता है। खासतौर पर आवासीय एकेडमियों में चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए तैयारी करते हैं। प्रशिक्षण में देरी होने से खिलाड़ियों की तैयारी और प्रदर्शन पर असर पड़ सकता है।

अभिभावकों की चिंता यह भी है कि बच्चों के स्कूलों में प्रवेश और पढ़ाई की व्यवस्था समय पर होनी चाहिए। खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए केवल चयन करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

राजस्थान स्पोर्ट्स काउंसिल की ओर से एकेडमियों के शुरू होने में देरी के कारणों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, विभागीय स्तर पर प्रक्रिया पूरी करने का दावा किया जा रहा है।

गौरतलब है कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चला रही है। रेजिडेंशियल खेल एकेडमियों का उद्देश्य ग्रामीण और छोटे शहरों से आने वाले प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अब चयनित 816 खिलाड़ियों और उनके परिवारों की नजर इस बात पर है कि एकेडमियां कब तक शुरू होती हैं और उन्हें खेल व शिक्षा की सुविधाएं कब से मिलना शुरू होंगी। समय पर शुरुआत नहीं होने से खिलाड़ियों की मेहनत और भविष्य दोनों प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

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