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EVM खराबी के चलते जयपुर-जोधपुर-कोटा के कुछ बूथों पर फिर हुआ मतदान, अटके वार्डों के नतीजे आज

EVM खराबी के चलते जयपुर-जोधपुर-कोटा के कुछ बूथों पर फिर हुआ मतदान, अटके वार्डों के नतीजे आज

राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव के दौरान जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम के कुछ मतदान केंद्रों पर ईवीएम में तकनीकी खराबी के चलते चुनाव परिणाम अटक गए थे। इन बूथों से जुड़े वार्डों की मतगणना पूरी नहीं हो सकी थी, जिसके बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित केंद्रों पर दोबारा मतदान कराने का फैसला लिया। आयोग के निर्देश के मुताबिक 16 सितंबर को इन केंद्रों पर री-पोलिंग कराई गई, जबकि वोटों की गिनती 17 सितंबर को सुबह 8 बजे से निर्धारित की गई।

दरअसल, नगर निकाय चुनाव की मतगणना के दौरान कुछ मतदान केंद्रों की ईवीएम में तकनीकी समस्या सामने आई थी। मशीनों से जुड़े तकनीकी पेंच के कारण इन बूथों के वोटों का परिणाम जारी नहीं किया जा सका। परिणाम अधूरे रहने की वजह से संबंधित वार्डों की अंतिम स्थिति भी स्पष्ट नहीं हो पाई थी। इसी को देखते हुए निर्वाचन आयोग ने प्रभावित बूथों पर पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया।

जयपुर, जोधपुर और कोटा के साथ सुकेत नगरपालिका के कुछ मतदान केंद्र भी इस प्रक्रिया में शामिल रहे। आयोग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार प्रभावित केंद्रों पर सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक दोबारा मतदान कराया गया। इसके बाद 17 सितंबर को मतगणना की प्रक्रिया पूरी की जानी है।

इस तकनीकी समस्या का असर केवल संबंधित वार्डों के परिणाम पर ही नहीं पड़ा, बल्कि कुछ निकायों में आगे होने वाली चुनावी प्रक्रिया भी प्रभावित हुई। सभी वार्डों के परिणाम पूरी तरह घोषित नहीं होने के कारण जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम समेत कुछ निकायों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव की प्रक्रिया भी फिलहाल टाल दी गई थी। आयोग ने स्पष्ट किया था कि सभी परिणाम आने के बाद ही अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के चुनाव की अगली प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

री-पोलिंग के दौरान प्रशासन और पुलिस की ओर से मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए। चुनाव अधिकारियों की निगरानी में दोबारा मतदान कराया गया, ताकि तकनीकी कारणों से प्रभावित प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।

अब सभी की नजर री-पोलिंग के बाद होने वाली मतगणना पर है। इन बूथों के वोटों की गिनती के बाद संबंधित वार्डों के परिणाम सामने आएंगे और नगर निगमों की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। इसके बाद ही उन निकायों में मेयर और डिप्टी मेयर के चुनाव को लेकर निर्वाचन आयोग की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

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