राजस्थान कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान के बीच पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। विश्वेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए डोटासरा पर शिक्षा मंत्री रहते REET परीक्षा में कथित धांधली कराने और RAS इंटरव्यू में अपने रिश्तेदारों को फायदा पहुंचाने के आरोप लगाए। उन्होंने इन मामलों की जांच की मांग करते हुए डोटासरा के इस्तीफे की बात भी कही है।
RAS इंटरव्यू में 80-80 नंबर का लगाया आरोप
विश्वेंद्र सिंह ने अपने फेसबुक पोस्ट में आरोप लगाया कि डोटासरा ने सत्ता का कथित दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे, बहू और रिश्तेदारों को RAS इंटरव्यू में 80-80 अंक दिलवाए। उन्होंने RAS-2016 और RAS-2018 की चयन प्रक्रिया का जिक्र करते हुए डोटासरा के परिवार से जुड़े अभ्यर्थियों के इंटरव्यू अंकों पर सवाल उठाए।
यह विवाद नया नहीं है। वर्ष 2021 में भी डोटासरा के रिश्तेदारों के RAS चयन को लेकर सवाल उठे थे। उस समय आरोप लगाया गया था कि उनकी पुत्रवधू प्रतिभा पूनिया और उनके भाई-बहन को इंटरव्यू में 80-80 अंक मिले। डोटासरा ने तब आरोपों से इनकार करते हुए कहा था कि RAS चयन में उनका कोई हस्तक्षेप नहीं था और उनके रिश्तेदार अपनी योग्यता के आधार पर चयनित हुए।
REET को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप
विश्वेंद्र सिंह ने अपने ताजा पोस्ट में डोटासरा के शिक्षा मंत्री रहने के दौरान REET परीक्षा में कथित अनियमितताओं का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके।
विश्वेंद्र सिंह ने इसके अलावा डोटासरा के परिवार से जुड़े RAS चयन और OBC प्रमाणपत्र से संबंधित मामलों की भी जांच की मांग की है। उनके आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस पोस्ट से नहीं होती है और इन दावों पर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है।
डोटासरा के इस्तीफे की मांग
पूर्व मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि ऐसे नेताओं को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस आलाकमान से भी डोटासरा के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और पार्टी से निकालने की मांग की।
विश्वेंद्र सिंह के इन आरोपों के बाद राजस्थान कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति में विवाद और तेज हो गया है। हाल के दिनों में भी उन्होंने डोटासरा पर पार्टी के प्रदर्शन और संगठन को लेकर निशाना साधा है।
फिलहाल विश्वेंद्र सिंह के ताजा आरोपों पर डोटासरा की ओर से इस पोस्ट के संदर्भ में कोई जवाब सामने आने की बात रिपोर्टों में नहीं है। ऐसे में अब इस राजनीतिक विवाद में दोनों पक्षों के बयानों और संभावित जांच पर नजर रहेगी।

