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अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील को प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के प्रयास तेज, वासुदेव देवनानी ने किया दौरा

अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील को प्राकृतिक स्वरूप में लौटाने के प्रयास तेज, वासुदेव देवनानी ने किया दौरा

राजस्थान के अजमेर में स्थित ऐतिहासिक आनासागर झील को उसके पुराने और प्राकृतिक स्वरूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में प्रयास तेज हो गए हैं। इस पहल के तहत हाल ही में वासुदेव देवनानी ने झील क्षेत्र का दौरा किया। उनके साथ संभागीय आयुक्त और नगर निगम प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ भी मौजूद रहे।

दौरे के दौरान अधिकारियों ने झील की वर्तमान स्थिति का विस्तृत निरीक्षण किया और इसके पुनरुद्धार के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की। वासुदेव देवनानी ने कहा कि आनासागर झील न केवल अजमेर शहर की जल संरचना का महत्वपूर्ण हिस्सा है, बल्कि यह ऐतिहासिक और पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उनका कहना था कि झील का संरक्षण और पुनर्जीवन न केवल पर्यटन के लिहाज से, बल्कि शहर के पर्यावरण और जल संकट को कम करने के लिए भी जरूरी है।

अधिकारियों ने मौके पर झील के चारों ओर की सफाई, जल स्तर बनाए रखने, अवैध निर्माण हटाने और झील क्षेत्र में हरियाली बढ़ाने के लिए कदमों की रूपरेखा तैयार की। नगर निगम प्रशासक शक्ति सिंह राठौड़ ने कहा कि झील के आसपास सभी अवैध अतिक्रमण और प्रदूषण के स्रोतों को समाप्त करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी बताया कि शहरवासियों और स्थानीय समुदाय की भागीदारी इस प्रयास की सफलता के लिए अहम होगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऐतिहासिक झीलों का संरक्षण जलवायु संतुलन और पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण है। आनासागर झील का पुनर्जीवन न केवल अजमेर की सांस्कृतिक विरासत को बचाएगा, बल्कि पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों के लिए एक आकर्षक स्थल भी बनेगा।

वासुदेव देवनानी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि झील की सफाई, जल स्तर का नियमित निरीक्षण और आसपास के पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत निगरानी तंत्र तैयार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रयास में तकनीकी विशेषज्ञता और वैज्ञानिक अध्ययन का उपयोग किया जाएगा ताकि झील का पुनर्जीवन स्थायी और प्रभावी हो।

स्थानीय लोग भी इस पहल से उत्साहित हैं। नागरिकों का कहना है कि आनासागर झील शहर के लिए न केवल जल स्रोत है, बल्कि यह अजमेर की ऐतिहासिक पहचान और पर्यटन आकर्षण का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनकी उम्मीद है कि इस योजना के सफल कार्यान्वयन से झील का सौंदर्य और पर्यावरणीय महत्व दोनों ही लौट आएंगे।

इस प्रकार, अजमेर की ऐतिहासिक आनासागर झील के पुनर्जीवन के प्रयासों ने गति पकड़ ली है। वासुदेव देवनानी और अधिकारियों के दौरे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि झील का संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और शहरवासियों की भागीदारी इस परियोजना की सफलता की कुंजी होगी।

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