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वंसुधरा राजे भावुक, सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा में साझा किए 35 वर्षों के अनुभव

वंसुधरा राजे भावुक, सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा में साझा किए 35 वर्षों के अनुभव

राजस्थान के सांसद दुष्यंत सिंह की द्वितीय चरण की पदयात्रा के दौरान आयोजित सभा में बुधवार (28 जनवरी) को पूर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे भावुक हो गईं। सभा में उन्होंने अपने 35 वर्षों के राजनीतिक सफर और झालावाड़ से जुड़े अनुभव साझा किए।

सभा को संबोधित करते हुए राजे ने कहा कि उनका यह सौभाग्य रहा कि उन्हें अपने सफर में अनमोल मोती जैसे साथी और सहयोगी मिले। उन्होंने बताया कि इतने वर्षों में उन्होंने जनता की सेवा, राजनीतिक चुनौतियों और संगठनात्मक अनुभवों के माध्यम से कई यादगार क्षण देखे और सीखे। राजे ने कहा, “35 साल कब बीत गए, इसका एहसास ही नहीं हुआ।”

पूर्व मुख्यमंत्री ने सभा में उपस्थित अथितियों और कार्यकर्ताओं को परिवार का हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि आज जिन बच्चों को वह देख रही हैं, उनकी उम्र उनके पुत्र राजा और पोते विनायक के समान है और वे सब उनके अपने हैं। राजे ने यह भी कहा कि यह अनुभव उनके जीवन का अनमोल हिस्सा है, जो उन्हें हमेशा प्रेरित करता रहेगा।

सभा में उपस्थित सांसद दुष्यंत सिंह और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने राजे के भावपूर्ण संबोधन को सराहा। उन्होंने कहा कि यह पल न केवल पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए बल्कि पूरे झालावाड़ जिले के लिए गर्व का क्षण है। राजे के 35 वर्षों के सफर और उनके अनुभवों ने कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया और उनके राजनीतिक मार्गदर्शन को महसूस कराया।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सभा और पदयात्राओं में नेताओं का व्यक्तिगत अनुभव साझा करना जनता और कार्यकर्ताओं के बीच विश्वास और जुड़ाव बढ़ाने का काम करता है। उन्होंने बताया कि राजे का यह भावपूर्ण संबोधन उनके करिश्माई नेतृत्व और लोक-सेवा के प्रति समर्पण को दर्शाता है।

सभा में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने राजे के अनुभवों और उनके परिवार-समान दृष्टिकोण की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि राजे ने अपने शब्दों से सभी को यह एहसास दिलाया कि पार्टी संगठन केवल राजनीतिक ढांचा नहीं, बल्कि एक परिवार के रूप में भी कार्य करता है।

राजे ने कहा कि पदयात्रा के माध्यम से वे यह संदेश देना चाहती हैं कि जनता की सेवा, परिवार और सहयोगियों के साथ अनुभव साझा करना जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अपने सफर की कहानियों और चुनौतियों को साझा कर कार्यकर्ताओं को प्रेरित किया।

इस अवसर पर राजनीतिक हलकों में चर्चा रही कि राजे का भावुक और व्यक्तिगत संबोधन सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा को और अधिक प्रभावशाली बनाता है। सभा में जनता और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इसे यादगार बना दिया।

कुल मिलाकर, पूर्व मुख्यमंत्री वंसुधरा राजे का यह भावपूर्ण संबोधन उनके अनुभव, समर्पण और नेतृत्व की झलक पेश करता है। सांसद दुष्यंत सिंह की पदयात्रा के दौरान यह सभा कार्यकर्ताओं और जनता के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई, और इसे जिले की राजनीतिक और सामाजिक स्मृति में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

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