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राजस्थान विधानसभा में डॉक्टरों की कमी पर हंगामा, विधायक सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग में सख्त

राजस्थान विधानसभा में डॉक्टरों की कमी पर हंगामा, विधायक सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग में सख्त

राजस्थान विधानसभा में बुधवार को अनुदान की मांगों पर चर्चा के दौरान स्वास्थ्य और चिकित्सा व्यवस्थाओं को लेकर तीखी बहस हुई। इस दौरान विशेष रूप से गांवों में डॉक्टरों की कमी का मुद्दा उठाया गया, जिसे लेकर विपक्ष और कुछ विधायक सरकार पर दबाव बनाने में जुटे रहे।

जयपुर की मालवीय नगर सीट से बीजेपी विधायक और पूर्व मंत्री कालीचरण सराफ ने गांवों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सेवाओं की अनियमितता को गंभीर समस्या बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की संख्या पर्याप्त नहीं होने के कारण मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता और ग्रामीण स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है।

अजमेर दक्षिण से बीजेपी विधायक अनीता भदेल ने भी इस मुद्दे को उठाया और कहा कि कई गांवों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण सही ढंग से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने सरकार से ठोस कदम उठाने और डॉक्टरों की संख्या बढ़ाने की मांग की।

इस दौरान सदन में कई सुझाव भी दिए गए। कुछ विधायकों ने प्रस्ताव रखा कि डॉक्टरों को ग्रामीण क्षेत्रों में कार्य करने के लिए प्रोत्साहन और भत्ते दिए जाएं। इसके अलावा, कुछ ने यह सुझाव दिया कि मोबाइल हेल्थ क्लिनिक और टेलीमेडिसिन सेवाओं को बढ़ावा दिया जाए ताकि ग्रामीण मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जवाब देते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में राज्य में चिकित्सा और स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट, आधारभूत संरचना और मानव संसाधन तीनों क्षेत्रों में सुधार हुआ है। इसके बावजूद ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी और स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच में चुनौतियां बनी हुई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में निरंतर कदम उठा रही है और नए डॉक्टरों की भर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में तैनाती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूती के लिए केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। उन्हें समय पर प्रशिक्षण, भत्ते और बेहतर कार्य परिस्थितियां भी सुनिश्चित करनी होंगी। इसके साथ ही, तकनीकी समाधान जैसे टेलीमेडिसिन और मोबाइल हेल्थ क्लिनिक ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को बेहतर बना सकते हैं।

राजस्थान विधानसभा में यह बहस इस बात का संकेत है कि ग्रामीण स्वास्थ्य और डॉक्टरों की उपलब्धता राज्य सरकार के लिए सतत चुनौती बनी हुई है। विपक्षी और विधायक दल इसे राज्य में स्वास्थ्य सुधार और ग्रामीण कल्याण का मुद्दा बनाकर लगातार सरकार पर दबाव डाल रहे हैं।

इस प्रकार, राजस्थान विधानसभा में डॉक्टरों की कमी और ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर बहस ने स्पष्ट कर दिया कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार और ग्रामीण इलाकों में चिकित्सकों की तैनाती राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुद्दों में से एक है। सरकार और स्वास्थ्य विभाग को इसे गंभीरता से लेते हुए ठोस और तुरंत लागू होने वाले कदम उठाने की आवश्यकता है।

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