सुशीलपुरा में बदबूदार पानी की शिकायत पर बवाल, विधायक गोपाल शर्मा का वीडियो वायरल; 24 घंटे में शुरू हुआ मरम्मत कार्य
राजधानी जयपुर के सुशीलपुरा इलाके में नलों से बदबूदार और गंदा पानी आने की शिकायत ने स्थानीय लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है। स्थिति उस समय और चर्चा में आ गई जब इलाके से जुड़े एक वायरल वीडियो में भाजपा विधायक गोपाल शर्मा को लोगों द्वारा दिया गया पानी सूंघकर वापस करते हुए देखा गया। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया और इसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से घरों में सप्लाई होने वाला पानी पीने योग्य नहीं है। पानी में तेज बदबू और गंदगी की शिकायत के चलते लोगों को मजबूरी में निजी टैंकर या बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है। कई परिवारों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या की शिकायत पहले भी संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से की थी, लेकिन समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि क्षेत्रीय दौरे के दौरान कुछ स्थानीय लोग विधायक को पानी का नमूना देते हैं। विधायक उसे सूंघते हैं और असंतोष जताते हुए पानी वापस कर देते हैं। यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और देखते ही देखते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन और जलदाय विभाग पर सवाल उठने लगे।
मामला तूल पकड़ने के बाद महज 24 घंटे के भीतर ही जलदाय विभाग की टीम हरकत में आ गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पाइपलाइन की जांच शुरू की और कई स्थानों पर मरम्मत कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। प्रारंभिक जांच में पाइपलाइन लीकेज और पुराने नेटवर्क में गंदे पानी के मिश्रण की आशंका जताई जा रही है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र में जल आपूर्ति व्यवस्था को अस्थायी रूप से दुरुस्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही पूरी पाइपलाइन प्रणाली की तकनीकी जांच कर स्थायी समाधान की योजना बनाई जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है कि अब समस्या पर काम शुरू हुआ है, लेकिन उनका कहना है कि केवल मरम्मत नहीं बल्कि स्थायी समाधान जरूरी है। लोगों ने मांग की है कि क्षेत्र में पुरानी पाइपलाइनों को पूरी तरह बदला जाए और नियमित निगरानी व्यवस्था लागू की जाए।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शहर की बुनियादी सुविधाओं और जल आपूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के अनुरूप जल वितरण प्रणाली का आधुनिकीकरण समय की जरूरत बन चुका है।
फिलहाल प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि समस्या को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाएगा और प्रभावित क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल आपूर्ति जल्द सामान्य कर दी जाएगी।

