राजस्थान विधानसभा में हंगामा: शिक्षकों की कमी और मॉडल स्कूल पर विपक्ष-सत्तापक्ष में तीखी नोकझोंक
राजस्थान विधानसभा का सदन सोमवार को भी हंगामेदार रहा। प्रश्न काल के दौरान विपक्ष ने स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूलों और शिक्षकों की कमी को लेकर सवाल उठाए, जिससे सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
बीजेपी के अलवर से विधायक महंत बालकनाथ के जरिए उठाए गए सवाल ने सदन में पिछली और वर्तमान सरकार की शिक्षा नीतियों पर बहस छेड़ दी। विधायक ने शिक्षकों की कमी और स्कूलों में आवश्यक संसाधनों की कमी पर चिंता जताई।
विपक्ष ने कहा कि कई मॉडल स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा है, जबकि सत्तापक्ष ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सुधारात्मक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।
सदन में यह बहस कभी-कभी जोरदार हंगामे में बदल गई, और दोनों पक्षों ने प्रश्नकाल के दौरान जमकर तर्क-वितर्क किया। अधिकारियों ने कहा कि शिक्षा विभाग ने शिक्षक भर्ती और संसाधन बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार की है, लेकिन प्रक्रियाओं में समय लग रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि शिक्षकों की कमी और मॉडल स्कूलों की समस्याएं राज्य की शिक्षा प्रणाली की गंभीर चुनौती हैं। ऐसे मुद्दों पर विधानसभा में बहस से नीतिगत सुधार और कार्यवाही को गति मिल सकती है।
सदन के हंगामेदार दौर ने यह भी दिखाया कि शिक्षा और विकास से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है, और दोनों पक्ष जनता के सामने अपनी जवाबदेही स्पष्ट करना चाहते हैं।

