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उदयपुर के दो युवक म्यांमार से बचाए गए, साइबर गुलाम गिरोह के चंगुल में फंसे थे

उदयपुर के दो युवक म्यांमार से बचाए गए, साइबर गुलाम गिरोह के चंगुल में फंसे थे

राजस्थान के उदयपुर जिले में दो युवकों को भारत सरकार की मदद से म्यांमार से सुरक्षित बचाया गया। युवकों ने स्वदेश लौटने के बाद फतहनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई।

सूत्रों के अनुसार, युवकों को पहले ऑनलाइन नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड ले जाया गया। वहां से उन्हें म्यांमार भेजा गया, जहां गिरोह के सदस्यों ने उन्हें बंधक बना लिया और लगभग 16-18 घंटे रोजाना साइबर अपराध करवाए। युवकों को इस दौरान मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया।

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था और इसका मुख्य उद्देश्य ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध करना था। युवकों को बचाने के लिए भारत सरकार की विदेश मंत्रालय और संबंधित एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई की, जिसके बाद उन्हें सुरक्षित भारत लाया गया।

पुलिस ने युवाओं और आम नागरिकों से अपील की है कि ऑनलाइन नौकरी के ऑफर्स को स्वीकार करते समय सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि विदेश में नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी और बंधक बनाने के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन जॉब स्कैम्स में अक्सर युवाओं को झांसा देकर विदेश ले जाया जाता है, फिर उन्हें साइबर अपराध या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में लगाया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि नौकरी के ऑफर में संदिग्ध लिंक और अप्रत्याशित परिस्थितियों से सावधान रहें।

उदयपुर पुलिस ने बताया कि युवकों की सुरक्षा और मामले की गहन जांच की जा रही है। एफआईआर में गिरोह के अन्य संभावित सदस्य और उनके ठिकानों की पहचान की जाएगी, ताकि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध को रोकने में मदद मिल सके।

इस घटना ने युवाओं और उनके परिवारों के लिए एक सावधानी और जागरूकता की घड़ी के रूप में काम किया है। पुलिस और प्रशासन ने कहा कि जनता को इस तरह के स्कैम्स से बचाने के लिए सतर्क और जागरूक रहने की आवश्यकता है।

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