अजमेर–नागौर हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, पिकअप और ट्रेलर की आमने-सामने टक्कर में दो की मौत
अजमेर–नागौर हाईवे पर बाड़ी घाटी से पहले नियारा पेट्रोल पंप के पास शनिवार देर रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। नागौर से बजरी लेकर जा रहे ट्रेलर और जयपुर से नागौर फ्रिज भरकर जा रही पिकअप की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।
हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पिकअप में तुरंत आग लग गई और दोनों वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सूचना दी।
पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। हालांकि तब तक हादसे में दोनों वाहन चालकों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो चुकी थी। पिकअप का चालक जयसिंह, जो दौसा का निवासी था, और ट्रेलर चालक गणपत, जो जोधपुर का रहने वाला था, हादसे का शिकार हुए।
हादसे के बाद हाईवे पर ट्रैफिक कुछ समय के लिए ठप हो गया। पुलिस ने मार्ग को बंद कर दुर्घटना स्थल पर जांच शुरू की और मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि हादसा तेज गति और गलत लेन बदलने के कारण हुआ।
स्थानीय लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र अक्सर तेज गति से वाहनों के आने-जाने के कारण खतरनाक माना जाता है। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि हाईवे पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए, जैसे सड़क किनारे चेतावनी संकेत, स्पीड ब्रेकर और रात में प्रकाश व्यवस्था।
विशेषज्ञों का कहना है कि रात के समय भारी वाहनों और लाइट फ्रेट वाहनों के मिश्रण से हाईवे पर दुर्घटनाओं का खतरा अधिक रहता है। उन्होंने वाहन चालकों को विशेष सतर्क रहने और हाईवे पर निर्धारित गति सीमा का पालन करने की सलाह दी।
राजस्थान पुलिस ने हादसे के मामले में जांच शुरू कर दी है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के लिए ट्रेलर और पिकअप के मालिकों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने कहा कि अगर किसी की लापरवाही पाई जाती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस हादसे ने स्थानीय लोगों और परिवहन समुदाय में शोक और चिंता की लहर दौड़ा दी है। हादसे में दोनों परिवारों को भारी दुःख हुआ है। पुलिस ने मृतकों के परिजनों को सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है।
कुल मिलाकर, अजमेर–नागौर हाईवे पर यह भीषण सड़क हादसा तेज गति और सुरक्षा उपायों की कमी का सबूत है। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सड़क सुरक्षा और सतर्कता कितनी महत्वपूर्ण है, खासकर रात के समय और भारी वाहनों की आवाजाही वाले हाईवे पर।

