गुलाबपुरा में अत्याधुनिक पशु आहार प्लांट का ट्रायल शुरू, गोबर से बनेगी सीएनजी; डेयरी देगी 1 रुपए किलो गोबर का मूल्य
जिले के गुलाबपुरा क्षेत्र में अत्याधुनिक पशु आहार प्लांट का ट्रायल शुरू कर दिया गया है। इस नई पहल के साथ ही जिले में अब दो आधुनिक पशु आहार प्लांट संचालित होने लगेंगे, जिससे पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को नई गति मिलने की उम्मीद है।
इस परियोजना को ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वच्छ ऊर्जा और पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
ट्रायल शुरू, उत्पादन क्षमता बढ़ने की उम्मीद
गुलाबपुरा स्थित इस प्लांट में पशु आहार के उत्पादन की आधुनिक तकनीक का परीक्षण शुरू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, ट्रायल सफल रहने पर बड़े स्तर पर उत्पादन शुरू किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के पशुपालकों को गुणवत्तापूर्ण पशु आहार समय पर उपलब्ध हो सकेगा।
इससे पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में सुधार आने की संभावना जताई जा रही है।
1 रुपए किलो गोबर खरीदेगी डेयरी
इस योजना के तहत डेयरी द्वारा पशुपालकों से गोबर 1 रुपए प्रति किलो की दर से खरीदा जाएगा। यह व्यवस्था पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बनेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी।
एकत्रित गोबर का उपयोग बायोगैस उत्पादन में किया जाएगा, जिससे आगे चलकर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।
गोबर से बनेगी सीएनजी
प्लांट में गोबर को प्रोसेस कर बायोगैस तैयार की जाएगी, जिसे आगे सीएनजी में बदला जाएगा। इस सीएनजी का उपयोग वाहनों और अन्य ऊर्जा जरूरतों में किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिससे पारंपरिक ईंधनों पर निर्भरता भी कम होगी।
जिले में अब दो प्लांट
गुलाबपुरा में नए प्लांट के ट्रायल के साथ ही जिले में अब दो अत्याधुनिक पशु आहार प्लांट हो जाएंगे। इससे पशुपालन क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और डेयरी उद्योग को मजबूती मिलेगी।
डेयरी अधिकारियों का कहना है कि इन प्लांटों से पशुओं के लिए बेहतर गुणवत्ता वाला आहार उपलब्ध होगा, जिससे दूध उत्पादन में भी वृद्धि होगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
इस परियोजना से पशुपालकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। गोबर बिक्री से अतिरिक्त आय, बेहतर पशु आहार और सीएनजी उत्पादन से जुड़े रोजगार के अवसर ग्रामीण विकास को नई दिशा देंगे।
साथ ही यह पहल स्वच्छ भारत मिशन और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने में भी सहायक होगी।

