टेक्सटाइल सिटी भीलवाड़ा में यातायात प्रबंधन की स्थिति लगातार सवालों के घेरे में है। विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी शहर में सुचारू यातायात के लिए चौराहों और सर्कलों का वैज्ञानिक ढंग से निर्माण बेहद जरूरी होता है, लेकिन भीलवाड़ा में यह व्यवस्था कागजों तक ही सीमित नजर आ रही है।
शहर के प्रमुख चौराहों पर बने सर्कल, जो यातायात को सुगम बनाने के लिए बनाए जाते हैं, अब कई जगहों पर अव्यवस्था का कारण बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ये सर्कल न केवल अनियंत्रित यातायात का कारण बन रहे हैं, बल्कि कई बार सड़क हादसों को भी जन्म दे रहे हैं।
लोगों का आरोप है कि नगर विकास न्यास और नगर निगम द्वारा यातायात सुधार के लिए बनाई गई योजनाएं फाइलों तक ही सीमित रह गई हैं। जमीनी स्तर पर इन योजनाओं का प्रभाव दिखाई नहीं दे रहा है, जिससे शहर में यातायात का दबाव बढ़ता जा रहा है।
शहरवासियों का कहना है कि कई चौराहों पर सर्कल का आकार और डिजाइन सही नहीं होने के कारण वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, यातायात संकेतकों की कमी और अव्यवस्थित पार्किंग भी समस्या को और बढ़ा रही है।
यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सर्कलों का वैज्ञानिक डिजाइन और उचित प्रबंधन ही ट्रैफिक को सुचारू बना सकता है। यदि सर्कलों को सही तरीके से डिजाइन किया जाए और नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए, तो सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है।
स्थानीय प्रशासन से लोगों की मांग है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, जिसमें सर्कलों का पुनर्निर्माण, यातायात संकेतों की स्थापना और नियमों का सख्ती से पालन शामिल हो।
कुल मिलाकर, भीलवाड़ा में यातायात व्यवस्था को लेकर बढ़ती समस्याएं प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई हैं, जिसे सुधारने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

