आज राजधानी जयपुर में इस जगह से निकली गणगौर की शाही सवारी! ड्रोन से पुष्प वर्षा से लेकर 200 LED स्क्रीन तक वीडियो में देखे भव्य नजारा
राजस्थान की समृद्ध संस्कृति और आस्था का प्रतीक गणगौर उत्सव इस बार और भी भव्य तरीके से मनाया जाएगा। पर्यटन विभाग ने इस उत्सव को खास बनाने के लिए कई नई योजनाएं बनाई हैं। इस साल की शोभायात्रा में कलाकारों की संख्या बढ़ाने के साथ ही कई नए आकर्षण भी जोड़े गए हैं। गणगौर की सवारी शाम 6 बजे जयपुर सिटी पैलेस की जनाना देवरी से निकली। इसके लिए इस बार खास आकर्षण रखे गए हैं।
ये होंगे मुख्य आकर्षण
पहली बार ड्रोन से होगी पुष्प वर्षा:
इस बार गणगौर माता की शोभायात्रा में पहली बार ड्रोन के जरिए पुष्प वर्षा की जाएगी, जिससे यह उत्सव और भी यादगार बन जाएगा।
200 एलईडी स्क्रीन पर होगा सीधा प्रसारण:
इस शाही सवारी का पूरे प्रदेश में सीधा प्रसारण किया जाएगा। जिसे 200 एलईडी स्क्रीन पर दिखाया जाएगा।, ताकि लोग घर बैठे इस भव्य आयोजन का आनंद ले सकें।
कलाकारों की संख्या में वृद्धिः
शोभायात्रा में 250 लोक कलाकार भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन और भी रंगीन हो जाएगा।
विशेष आयोजनः
छोटी चौपड़ पर गणगौर माता की शोभायात्रा के स्वागत के लिए तीन भव्य मंच बनाए जाएंगे, जिन पर लोक कलाकार प्रस्तुति देंगे और गणगौर माता की पूजा की जाएगी।
अतिरिक्त व्यवस्थाः
शोभायात्रा में 3 अतिरिक्त हाथी, 12 घोड़े, 6 सजे-धजे ऊंट और 2 विक्टोरिया बग्गी शामिल की जाएंगी। पर्यटकों के लिए बैठने की विशेष व्यवस्था की गई है।
लाइव स्ट्रीमिंगः
पर्यटन विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी लाइव स्ट्रीमिंग की जाएगी।
250 लोक कलाकार भाग लेंगे
पर्यटन विभाग ने बताया कि 31 मार्च और 1 अप्रैल को शाम 5:45 बजे से गणगौर की शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस बार शाही शोभायात्रा में 250 लोक कलाकार भाग लेंगे। सजी-धजी पालकी, ऊंट, घोड़े और हाथियों की संख्या में भी 50% की वृद्धि की गई है।
गणगौर को भव्य बनाने के लिए पर्यटन विभाग कर रहा हरसंभव प्रयास
गणगौर उत्सव न केवल आस्था और परंपरा का प्रतीक है, बल्कि यह देश-विदेश के पर्यटकों को राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। पर्यटन विभाग इस वर्ष के आयोजन को और भी भव्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है, ताकि राजस्थान की संस्कृति को वैश्विक मंच पर पहचान मिल सके।