Samachar Nama
×

10 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर, राजस्थान में 3 की मौत, वीडियो में देंखे कई जिलों में ओलावृष्टि और अलर्ट जारी

10 राज्यों में आंधी-बारिश का कहर, राजस्थान में 3 की मौत, वीडियो में देंखे कई जिलों में ओलावृष्टि और अलर्ट जारी

देश के करीब 10 राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और कई इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम की इस मार ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है।

सबसे गंभीर स्थिति राजस्थान में देखने को मिली, जहां रविवार को खराब मौसम के कारण तीन लोगों की मौत हो गई। राज्य के दौसा जिले के लालसोट और कोटपूतली-बहरोड़ के नारायणपुर में ओले गिरने की घटनाएं सामने आईं, जिससे कई इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। दौसा, अलवर, कोटपूतली-बहरोड़ और हनुमानगढ़ में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि ने स्थिति और बिगाड़ दी।

तेज हवाओं के कारण कई जगह झुग्गी-झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर पेड़ गिरने से लगभग 40 मिनट तक यातायात बाधित रहा, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

मौसम विभाग ने राजस्थान के 19 जिलों में आंधी और बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि 8 जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने अगले कुछ घंटों तक मौसम के और बिगड़ने की संभावना जताई है।

उत्तर प्रदेश में भी मौसम ने कहर बरपाया है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश जारी है। मौसम विभाग ने आज कानपुर, सुल्तानपुर, बाराबंकी समेत कुल 64 जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। वहीं पिछले 24 घंटे में जालौन प्रदेश का सबसे गर्म शहर दर्ज किया गया, जहां तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव देखा गया।

हरियाणा के सिरसा, भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों में भी रविवार को तेज बारिश के साथ ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

उत्तराखंड में भी मौसम खराब बना हुआ है। राज्य के 11 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि नैनीताल, देहरादून और अल्मोड़ा में ओलावृष्टि ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है।

बिहार और अन्य राज्यों में भी आंधी-बारिश का असर देखा जा रहा है, जिससे कई जगहों पर बिजली आपूर्ति बाधित हुई है और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी दबाव के कारण हो रहा है, जिसका असर अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में जारी रह सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।

फिलहाल पूरे उत्तर और पश्चिम भारत में मौसम का यह मिजाज जनजीवन के लिए चुनौती बना हुआ है, और राहत की स्थिति मौसम के स्थिर होने के बाद ही बनने की उम्मीद है।

Share this story

Tags