बांसवाड़ा में कॉलेज के डायरेक्टर समेत 3 गिरफ्तार, एक्सक्लूसिव फुटेज में देंखे छात्र से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते ACB ने पकड़ा; हर स्टूडेंट से मांगे थे 20 हजार
राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने रिश्वतखोरी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्लोबल बीएड कॉलेज, बड़ोदिया के डायरेक्टर समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को एक छात्र से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। आरोप है कि कॉलेज में छात्रों की अटेंडेंस मैनेज करने और इंटर्नशिप के रिलीव लेटर जारी करने के बदले प्रत्येक छात्र से 20 हजार रुपए मांगे जा रहे थे।एसीबी ने कार्रवाई के दौरान कॉलेज के डायरेक्टर सिद्धांत जैन, राजनीतिक विज्ञान की लेक्चरर सुनीता जैन और रसायन विज्ञान के टीचर भूपेंद्र जैन को गिरफ्तार किया। शिकायत मिलने के बाद एसीबी मुख्यालय के निर्देश पर बांसवाड़ा इकाई ने मामले की जांच और कार्रवाई शुरू की थी।
प्रति छात्र 20 हजार रुपए मांगने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कॉलेज से जुड़े इन तीनों आरोपियों पर छात्रों की अटेंडेंस मैनेज करने और इंटर्नशिप पूरी होने के बाद रिलीव लेटर देने के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है। आरोपियों द्वारा प्रत्येक छात्र से 20 हजार रुपए की मांग किए जाने की शिकायत एसीबी तक पहुंची थी।शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने पहले रिश्वत की मांग का सत्यापन कराया। इसके बाद शिकायत सही पाए जाने पर आरोपियों को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई।
21 और 22 अक्टूबर को किया गया सत्यापन
एसीबी ने 21 और 22 अक्टूबर को रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई आगे बढ़ाई गई। जानकारी के मुताबिक, इस दौरान तीनों आरोपियों की ओर से प्रत्येक छात्र से 20 हजार रुपए की मांग किए जाने की बात सामने आई।शिकायत की पुष्टि होने के बाद एसीबी उदयपुर रेंज के प्रभारी पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित के सुपरविजन में कार्रवाई की तैयारी की गई। टीम ने आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई।
5 हजार रुपए लेते समय एसीबी की ट्रैप कार्रवाई
शुक्रवार को एसीबी बांसवाड़ा इकाई ने उप अधीक्षक रतन सिंह राजपुरोहित के नेतृत्व में ट्रैप कार्रवाई की। इस दौरान छात्र से 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए कॉलेज के डायरेक्टर सिद्धांत जैन, लेक्चरर सुनीता जैन और टीचर भूपेंद्र जैन को गिरफ्तार कर लिया गया।कार्रवाई के बाद एसीबी की टीम आरोपियों से जुड़े मामले की आगे की जांच में जुट गई। जांच के दौरान रिश्वत की मांग, छात्रों की अटेंडेंस और इंटर्नशिप के रिलीव लेटर से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
भ्रष्टाचार से जुड़े पहलुओं की जांच जारी
एसीबी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित रिश्वत मांगने के मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। साथ ही, छात्रों से पैसे लेने के आरोपों और कॉलेज में संबंधित प्रक्रियाओं की भी जांच की जा सकती है।इस कार्रवाई के बाद कॉलेज और शिक्षा जगत में मामला चर्चा का विषय बन गया है। फिलहाल, तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद एसीबी की जांच जारी है। मामले में आगे की जानकारी जांच के निष्कर्षों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर सामने आएगी।

