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प्रतिभाशाली प्रिंसिप्रिया भौमिक ने जूनियर मिस इंडिया 2026 में 15-16 वर्ष वर्ग का खिताब जीता

प्रतिभाशाली प्रिंसिप्रिया भौमिक ने जूनियर मिस इंडिया 2026 में 15-16 वर्ष वर्ग का खिताब जीता

पश्चिम बंगाल के मालदा की रहने वाली प्रतिभाशाली प्रिंसिप्रिया भौमिक ने हाल ही में जूनियर मिस इंडिया 2026 प्रतियोगिता के ग्रैंड फिनाले में 15-16 वर्ष आयु वर्ग का खिताब जीतकर देश भर में अपनी पहचान बनाई है। यह प्रतियोगिता जयपुर में जनवरी 2026 के पहले सप्ताह में आयोजित हुई थी, जिसमें देशभर से प्रतिभाएं शामिल हुई थीं।

प्रिंसिप्रिया ने पश्चिम बंगाल के मालदा का प्रतिनिधित्व किया और अपने आत्मविश्वास, सटीक प्रस्तुति और बहुआयामी प्रतिभा के दम पर जजों को प्रभावित किया। उनके व्यक्तित्व, स्टेज पर आत्मविश्वास और प्रस्तुतिकरण की शैली ने निर्णायकों का मन जीत लिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और इंटरव्यू सेगमेंट सहित कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा।

प्रतियोगिता के आयोजकों ने प्रिंसिप्रिया की स्फूर्ति, आत्मविश्वास और संवाद कौशल की सराहना की। जजों ने कहा कि उन्होंने इस आयु वर्ग में इतनी परिपक्वता और मंचीय क्षमता पहले कम ही देखी है। इस खिताब के साथ प्रिंसिप्रिया ने अपनी कौशल और प्रतिभा का मानक पूरे देश में स्थापित किया है।

मालदा निवासी प्रिंसिप्रिया की सफलता उनके परिवार और शिक्षक समुदाय के लिए भी गर्व का विषय बनी है। उनके माता-पिता ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी में न केवल आत्मविश्वास बल्कि सामाजिक और नैतिक मूल्यों का भी विकास किया है। उन्होंने बताया कि प्रिंसिप्रिया की मेहनत, अनुशासन और तैयारी ने ही उसे इस प्रतिष्ठित खिताब तक पहुँचाया।

प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों से आई प्रतिभाओं ने विभिन्न श्रेणियों में अपनी योग्यता दिखाई, लेकिन प्रिंसिप्रिया ने संगीत, नृत्य और संवाद क्षमता में अद्वितीय प्रदर्शन किया। इसके अलावा, उन्होंने सामाजिक मुद्दों और बच्चों के अधिकारों के प्रति अपने दृष्टिकोण को भी प्रस्तुत किया, जिससे जजों और दर्शकों दोनों को प्रभावित किया।

इस जीत के बाद प्रिंसिप्रिया अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के अवसर पा सकती हैं। प्रतियोगिता में खिताब जीतने के साथ ही उन्हें विभिन्न एजुकेशनल और मॉडलिंग प्रोजेक्ट्स में शामिल होने का अवसर भी मिलेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं युवा प्रतिभाओं को आत्मविश्वास, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास के अवसर देती हैं। प्रिंसिप्रिया भौमिक की सफलता यह दिखाती है कि सफलता केवल प्रतिभा ही नहीं, बल्कि मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिणाम भी है।

मालदा से जयपुर तक का यह सफर प्रिंसिप्रिया और उनके परिवार के लिए एक सपने के सच होने जैसा अनुभव रहा। उनका यह खिताब पश्चिम बंगाल के लिए भी गर्व का विषय है और राज्य की युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।

इस प्रकार, प्रिंसिप्रिया भौमिक की जूनियर मिस इंडिया 2026 में जीत न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि यह युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच पर चमकने का प्रेरक उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

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