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दौसा में 6 साल पहले लापता प्रिंस की तलाश जारी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 12 दिन से चल रही हाईटेक खुदाई

दौसा में 6 साल पहले लापता प्रिंस की तलाश जारी, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 12 दिन से चल रही हाईटेक खुदाई

राजस्थान के दौसा जिले में 6 साल पहले रहस्यमय तरीके से लापता हुए 6 वर्षीय मासूम प्रिंस की तलाश अभी भी जारी है। प्रिंस के परिवार और स्थानीय प्रशासन की निरंतर कोशिशों के बावजूद अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिला है। इस संदर्भ में, पुलिस और प्रशासन ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 12 दिन से चल रही खुदाई के जरिए बच्चे की तलाश जारी रखी हुई है।

जानकारी के अनुसार, खुदाई कार्य उच्च तकनीकी उपकरणों और आधुनिक तरीकों के माध्यम से किया जा रहा है। सबसे पहले ड्रोन सर्वे किया गया, जिससे एक्सप्रेसवे और आसपास के क्षेत्रों की हवाई निगरानी की गई। इसके बाद ही खुदाई शुरू की गई। यह प्रयास राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू किया गया था, ताकि तलाशी के कार्य में कानूनी और वैज्ञानिक तरीके अपनाए जा सकें।

स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि खुदाई के दौरान किसी भी तरह के सुराग का अभी तक पता नहीं चला है। लेकिन वे उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं और लगातार क्षेत्र की हर संभव जगह पर खोज जारी रखे हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि हाईटेक उपकरणों की मदद से खोज में तेजी और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित की जा रही है।

परिवार का दुख और चिंता इस मामले को और संवेदनशील बनाती है। प्रिंस के माता-पिता हर रोज़ खुदाई स्थल का दौरा करते हैं और पुलिस को हर संभव मदद देने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे हर हाल में अपने बच्चे को खोजने की उम्मीद बनाए रखेंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की लंबी अवधि से लापता बच्चों की तलाश चुनौतीपूर्ण होती है। लेकिन ड्रोन सर्वे, मिट्टी की जांच और अन्य वैज्ञानिक उपकरणों के इस्तेमाल से तलाश के प्रयास अधिक प्रभावी बन रहे हैं। पुलिस और प्रशासन लगातार नए तरीके अपनाकर मामले को हल करने की कोशिश कर रहे हैं।

दौसा जिले में पिछले कुछ वर्षों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी बच्चे की तलाश में प्रशासन के प्रयासों की सराहना की है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि कोई भी जानकारी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।

हालांकि 12 दिन से जारी खुदाई ने अभी तक कोई सफलता नहीं दी है, लेकिन पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वैज्ञानिक तरीके और हाईटेक उपकरणों की मदद से किसी भी समय बच्चे के सुराग सामने आ सकते हैं। इस बीच, प्रिंस की तलाश पूरे राज्य में संवेदनशीलता और चिंता का विषय बनी हुई है।

राजस्थान हाईकोर्ट ने भी मामले पर ध्यान देते हुए प्रशासन और पुलिस को निर्देश दिए हैं कि तलाश प्रक्रिया को तेज़ और व्यवस्थित तरीके से जारी रखा जाए। हाईकोर्ट ने खुदाई के दौरान सभी सुरक्षा मानकों और वैज्ञानिक प्रक्रियाओं का पालन करने का भी आदेश दिया है।

इस प्रकार, दौसा में 6 साल से लापता 6 वर्षीय प्रिंस की खोज जारी है। प्रशासन, पुलिस और परिवार के प्रयास इस मासूम की वापसी की उम्मीद को जीवित रखे हुए हैं। पूरे राज्य की नजरें इस तलाश पर बनी हुई हैं, और लोग हर हाल में बच्चे के सुरक्षित मिलने की कामना कर रहे हैं।

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