IIT दिल्ली और बॉम्बे में “कोटा सिस्टम” का दबदबा, कंप्यूटर साइंस में आधे से ज्यादा छात्र आरक्षित श्रेणियों से
देश की शीर्ष इंजीनियरिंग संस्थान Indian Institute of Technology Delhi और Indian Institute of Technology Bombay में दाखिले को लेकर एक अहम ट्रेंड सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंप्यूटर साइंस (CS) ब्रांच में आधे से ज्यादा छात्र अब कोटा व्यवस्था के तहत चयनित होकर पढ़ाई कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, देश के प्रमुख IITs में आरक्षण और अन्य कोटा आधारित प्रवेश प्रणाली का प्रभाव लगातार बढ़ा है। विशेष रूप से कंप्यूटर साइंस जैसी हाई-डिमांड ब्रांच में इस पैटर्न का असर और अधिक देखने को मिल रहा है, जहां बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न आरक्षित श्रेणियों के तहत प्रवेश पा रहे हैं।
इसी तरह Indian Institute of Technology Kanpur और Indian Institute of Technology Madras में भी इसी तरह का रुझान देखा गया है, जहां टॉप ब्रांचों में चयन प्रक्रिया के दौरान कोटा आधारित सीटों की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
शैक्षणिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव देश की सामाजिक संरचना और शिक्षा में अवसर समानता की दिशा में एक बड़ा संकेत है। हालांकि कुछ वर्गों में इस पर बहस भी जारी है कि क्या इससे मेरिट आधारित प्रतिस्पर्धा पर प्रभाव पड़ रहा है।
वहीं समर्थकों का कहना है कि आरक्षण व्यवस्था ने वंचित और पिछड़े वर्गों को बेहतर अवसर दिए हैं, जिससे IIT जैसे संस्थानों में विविधता बढ़ी है। दूसरी ओर, आलोचक इसे टॉप ब्रांचों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और चयन प्रक्रिया की जटिलता से जोड़कर देखते हैं।
फिलहाल यह ट्रेंड देश की उच्च शिक्षा प्रणाली में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, और आने वाले वर्षों में इसके प्रभाव और स्पष्ट रूप से सामने आने की उम्मीद है।

