NEET UG धांधली का मास्टरमाइंड BPSC भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय, जांच में सामने आया बड़ा कनेक्शन
नीट यूजी धांधली मामले में गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट की गतिविधियां सिर्फ नेशनल लेवल की मेडिकल प्रवेश परीक्षा तक सीमित नहीं थीं। जांच में उसके गिरोह के बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग यानी BPSSC की भर्ती परीक्षाओं में भी सक्रिय होने की बात सामने आई है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और धांधली के नेटवर्क को लेकर जांच एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
नीट यूजी मामले की जांच के दौरान डॉ. रविशंकर से पूछताछ और उससे जुड़े लोगों की गतिविधियों की पड़ताल में यह जानकारी सामने आने की बात कही जा रही है। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि BPSSC की किन-किन भर्ती परीक्षाओं में गिरोह की भूमिका रही और इसमें कितने लोग शामिल थे।
मेडिकल प्रवेश परीक्षा के बाद भर्ती परीक्षाओं तक नेटवर्क
जांच के मुताबिक, डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट पर नीट यूजी धांधली मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने का आरोप है। अब उसके नेटवर्क की जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गिरोह ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों तक किस तरह मदद पहुंचाई और इसके बदले कितनी रकम ली गई।
BPSSC की भर्ती परीक्षाओं में गिरोह की कथित सक्रियता सामने आने के बाद जांच एजेंसियां पुराने मामलों और संदिग्ध गतिविधियों को भी खंगाल सकती हैं। इसके लिए आरोपियों के मोबाइल फोन, संपर्कों, लेनदेन और उनसे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी की जांच की जा रही है।
पूछताछ में खुल सकते हैं कई राज
डॉ. रविशंकर से पूछताछ को जांच का अहम हिस्सा माना जा रहा है। एजेंसियां उसके संपर्क में रहने वाले लोगों और संभावित सहयोगियों की भूमिका की भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र या अन्य गोपनीय जानकारी तक पहुंच बनाने के लिए किसी अंदरूनी व्यक्ति की मदद ली गई थी या नहीं।
जांच का फोकस इस बात पर भी है कि अगर गिरोह ने अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं को निशाना बनाया था तो उसका नेटवर्क कितना बड़ा था। अधिकारियों की जांच के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा पर सवाल
NEET UG जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के बाद BPSSC की भर्ती परीक्षाओं में भी कथित नेटवर्क की सक्रियता की जानकारी सामने आने से प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बिहार में बड़ी संख्या में युवा सरकारी नौकरी और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ऐसे में किसी संगठित गिरोह की गतिविधियों की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल जांच एजेंसियां डॉ. रविशंकर उर्फ सम्राट और उसके संपर्क में रहे लोगों से पूछताछ कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि BPSSC की किन परीक्षाओं में गिरोह की भूमिका थी और इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे।

