शोरूम के बाहर भी तैनात थे गिरोह के साथी, चोरी की घड़ियों की बरामदगी के लिए पुलिस की दबिश
शोरूम में चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले गिरोह ने पूरी तैयारी के साथ घटना को अंजाम दिया था। बताया जा रहा है कि गिरोह के कुछ सदस्य शोरूम के अंदर चोरी कर रहे थे, जबकि उनके अन्य साथी बाहर निगरानी के लिए तैनात थे। इस वजह से वारदात के दौरान किसी बाहरी व्यक्ति के पहुंचने पर अंदर मौजूद आरोपियों को तुरंत इसकी जानकारी मिल सके।
शोरूम के बाहर साथियों की थी निगरानी
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात में सिर्फ एक या दो लोग ही शामिल नहीं थे, बल्कि गिरोह के कई सदस्य अलग-अलग भूमिका में काम कर रहे थे। कुछ आरोपी शोरूम के अंदर चोरी की घटना को अंजाम दे रहे थे, जबकि बाहर मौजूद साथी आसपास की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे।
पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम में शामिल सभी आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरोह ने वारदात से पहले शोरूम की रेकी की थी या नहीं।
आरोपियों की तलाश में बनाई गईं पुलिस टीमें
घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं। टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं। पुलिस को उम्मीद है कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद चोरी की पूरी वारदात और गिरोह के नेटवर्क से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।
जांच में आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी किस रास्ते से शोरूम तक पहुंचे और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए।
चोरी की घड़ियों की बरामदगी के लिए दबिश
पुलिस की एक टीम चोरी की गई घड़ियों की बरामदगी के लिए अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि चोरी के बाद सामान को किसी सुरक्षित ठिकाने पर छिपाया गया हो सकता है या फिर उसे दूसरे स्थान पर पहुंचाया गया है।
पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ चोरी के पूरे माल की बरामदगी पर भी फोकस कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ वारदात में शामिल अन्य लोगों और चोरी के सामान के संबंध में भी जानकारी सामने आ सकती है।

