सोलर ऊर्जा के विस्तार ने बिजली सप्लाई का गणित बदल दिया, वितरण नेटवर्क नई चुनौतियों से जूझ रहा
राजस्थान में सोलर ऊर्जा के तेजी से विस्तार ने राज्य की बिजली सप्लाई व्यवस्था का परिदृश्य बदल दिया है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB) की कंसलटेंसी रिपोर्ट में यह सामने आया है कि राज्य का वर्तमान वितरण नेटवर्क, जो पारंपरिक एकतरफा बिजली आपूर्ति के लिए तैयार किया गया था, अब नई तकनीकी चुनौतियों का सामना कर रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, सोलर ऊर्जा की बढ़ती पैठ और घरेलू तथा औद्योगिक स्तर पर बिंदु-से-बिंदु (distributed) ऊर्जा उत्पादन ने नेटवर्क की लचीलेपन और नियंत्रण क्षमता पर दबाव डाल दिया है। पुराने ट्रांसफार्मर और वितरण लाइनों को अब बाई-डायरेक्शनल बिजली प्रवाह के अनुरूप ढालने की आवश्यकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि नेटवर्क को अपग्रेड और स्मार्ट ग्रिड तकनीक के साथ जोड़ा गया, तो न केवल सोलर ऊर्जा का कुशल उपयोग सुनिश्चित होगा, बल्कि ब्लैकआउट और तकनीकी नुकसान की संभावना भी कम होगी। रिपोर्ट ने सुझाव दिया है कि राज्य सरकार को तकनीकी निवेश, ऊर्जा भंडारण और स्मार्ट मीटरिंग में तेजी लानी चाहिए।
राज्य में सोलर ऊर्जा के बढ़ते योगदान ने साफ कर दिया है कि भविष्य में ऊर्जा प्रणाली केवल उत्पादन पर नहीं, बल्कि वितरण, नियंत्रण और निगरानी की दक्षता पर भी निर्भर होगी। इससे न केवल पर्यावरणीय लाभ होंगे, बल्कि बिजली की विश्वसनीयता और स्थिरता भी बढ़ेगी।

