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जयपुर में देश का पहला स्थायी इमर्सिव इवेंट डोम ‘स्काईडोम’ शुरू, फुटेज में देंखे 360 डिग्री डिजिटल स्क्रीन पर दिखेंगे शानदार नजारे

जयपुर में देश का पहला स्थायी इमर्सिव इवेंट डोम ‘स्काईडोम’ शुरू, फुटेज में देंखे 360 डिग्री डिजिटल स्क्रीन पर दिखेंगे शानदार नजारे

जयपुर के कूकस स्थित हॉस्पिटैलिटी कॉरिडोर में देश का पहला स्थायी इमर्सिव इवेंट डोम ‘स्काईडोम’ शुरू किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां किसी आयोजन के दौरान सिर्फ मंच या सामने लगी स्क्रीन पर ही दृश्य नहीं दिखेंगे, बल्कि पूरा गुंबद एक विशाल डिजिटल स्क्रीन में बदल जाएगा। 360 डिग्री प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीक के जरिए डोम की दीवारों और छत पर ऐसे दृश्य तैयार किए जा सकेंगे, जिनके बीच बैठकर दर्शक खुद को उसी माहौल का हिस्सा महसूस करेंगे।

आईटीसी ममेंटोस रिजॉर्ट के पास विकसित यह डोम आकार और तकनीक के लिहाज से खास माना जा रहा है। आयोजकों के मुताबिक, यह यूएई और ब्राजील के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा इमर्सिव डोम है। इसके शुरू होने से जयपुर में बड़े स्तर के मनोरंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कॉरपोरेट आयोजनों और विशेष समारोहों के लिए एक नया विकल्प उपलब्ध होगा।

60 मीटर व्यास और 21 मीटर ऊंचा है डोम

स्काईडोम का व्यास 60 मीटर है, जबकि इसके शीर्ष यानी एपेक्स तक की ऊंचाई 21 मीटर है। इसमें 30 हजार वर्ग फीट का इनडोर स्पेस और 30 हजार वर्ग फीट का आउटडोर क्षेत्र तैयार किया गया है। इसके अलावा आयोजन के संचालन, तकनीकी व्यवस्था और अन्य गतिविधियों के लिए 20 हजार वर्ग फीट का बैक-ऑफ-द-हाउस स्पेस भी विकसित किया गया है।इस तरह यहां आयोजन से जुड़ी अलग-अलग जरूरतों के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई गई है। बड़े कार्यक्रमों के दौरान मेहमानों के बैठने, आयोजन प्रबंधन और तकनीकी संचालन की व्यवस्था इसी ढांचे के तहत की जा सकेगी।

एक साथ 2000 से ज्यादा मेहमानों की क्षमता

आयोजकों के अनुसार, स्काईडोम में एक साथ 2000 से ज्यादा मेहमानों की मेजबानी की जा सकती है। इसका इस्तेमाल बड़े इवेंट, मनोरंजन कार्यक्रम, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और अन्य विशेष आयोजनों के लिए किया जा सकेगा।इसकी 360 डिग्री प्रोजेक्शन मैपिंग तकनीक इसे पारंपरिक इवेंट वेन्यू से अलग बनाती है। इसमें दर्शकों के चारों ओर मौजूद दीवारों और छत पर डिजिटल दृश्य प्रदर्शित किए जा सकेंगे। इससे किसी कार्यक्रम की थीम के मुताबिक पूरे वातावरण को बदला जा सकता है।

दर्शकों को मिलेगा अलग तरह का अनुभव

आमतौर पर किसी कार्यक्रम में दर्शकों का ध्यान मंच या सामने लगी स्क्रीन पर रहता है, लेकिन स्काईडोम में पूरा गुंबद ही डिजिटल अनुभव का हिस्सा बनेगा। यहां दर्शक चारों तरफ से दिखाई देने वाले दृश्यों के बीच मौजूद रहेंगे। इससे कार्यक्रम देखने का अनुभव अधिक व्यापक और आकर्षक हो सकता है।जयपुर के कूकस क्षेत्र में इस तरह की सुविधा शुरू होने से शहर के इवेंट और हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र को भी नया आयाम मिलने की उम्मीद है। खासकर बड़े आयोजनों के लिए स्काईडोम एक अलग पहचान वाला स्थल बन सकता है।

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