उदयपुर नगर निगम की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। झीलों की सफाई में उपयोग हो रही डिवीडिंग मशीन के संचालन और रखरखाव पर हुए खर्च की जानकारी देने से निगम ने इनकार कर दिया है, जिसे लेकर सूचना के अधिकार की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, जब इस संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) के तहत विवरण मांगा गया, तो उदयपुर नगर निगम ने इसे “लोकहित में नहीं” बताते हुए जानकारी साझा करने से मना कर दिया। निगम के इस रुख को लेकर नागरिकों और सामाजिक संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है। ऐसे में खर्च और भुगतान से जुड़ी जानकारी को सार्वजनिक न करना जवाबदेही पर सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि झीलों की सफाई जैसे महत्वपूर्ण कार्य में यदि खर्च का ब्यौरा ही सार्वजनिक नहीं किया जाएगा, तो भ्रष्टाचार की आशंका को बल मिलेगा। उन्होंने प्रशासन से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है।
यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या सूचना के अधिकार का उद्देश्य सही मायनों में पूरा हो रहा है या नहीं।

