देशनोक में मां करणी का 639वां जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया, भक्तिमय स्वरों और नगाड़ों की थाप के बीच उमड़ा आस्था का सैलाब
राजस्थान के बीकानेर जिले के देशनोक में रविवार को मां करणी का 639वां जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। चिरंजा के पारंपरिक स्वरों और नगाड़ों की गूंज ने पूरे वातावरण को धर्ममय बना दिया। देशनोक में मां करणी के दर्शन और जन्मोत्सव में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी।
‘आज थलवट धरा ऊपर, भलो उग्यो भाण जी, आदि शक्ति हिंगलाचा, अवतरया है आण जी...’ जैसे पारंपरिक भक्तिगीतों के बीच श्रद्धालुओं ने मां करणी के जयकारे लगाए। जन्मोत्सव को लेकर मंदिर और आसपास के क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा।
सुबह 9:05 बजे हुआ विशेष आयोजन
जन्मोत्सव के अवसर पर सुबह ठीक 9:05 बजे विशेष कार्यक्रम आयोजित होने की जानकारी सामने आई है। इस दौरान पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्तिमय प्रस्तुतियों ने आयोजन को खास बना दिया। हालांकि, इस समय पर हुए कार्यक्रम की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है।
मां करणी के जन्मोत्सव का देशनोक में विशेष धार्मिक महत्व है। यहां स्थित करणी माता मंदिर में वर्षभर श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन जन्मोत्सव जैसे अवसरों पर भक्तों की आस्था और उत्साह विशेष रूप से दिखाई देता है।
चिरंजा और नगाड़ों की थाप ने बांधा समां
समारोह में चिरंजा के पारंपरिक भक्तिमय स्वर गूंजते रहे। नगाड़ों की थाप के साथ धार्मिक गीतों ने माहौल को उत्सवमय बना दिया। राजस्थानी लोक परंपराओं और भक्ति संगीत का यह संगम आयोजन का प्रमुख आकर्षण रहा।
श्रद्धालु मां करणी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते नजर आए। धार्मिक गीतों और जयकारों के बीच जन्मोत्सव का उल्लास पूरे क्षेत्र में महसूस किया गया।
देशनोक में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
मां करणी के जन्मोत्सव पर देशनोक में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की जानकारी है। मंदिर में दर्शन और धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए भक्त जुटे। इस दौरान देशनोक का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
मां करणी राजस्थान की प्रमुख लोकदेवियों में मानी जाती हैं। देशनोक स्थित उनका मंदिर श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। जन्मोत्सव के मौके पर पारंपरिक गीत-संगीत और धार्मिक आयोजनों के जरिए इस आस्था और लोक संस्कृति की झलक देखने को मिली।

