फर्जी डिग्रियों के जरिए नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों पर तेज कार्रवाई, 47 अभ्यर्थियों के दस्तावेज होंगे सत्यापित
राजस्थान में पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में फर्जी डिग्रियों के जरिए नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों पर अब कार्रवाई की प्रक्रिया तेज हो गई है। राजगढ़ एसओजी यूनिट द्वारा दर्ज किए गए प्रकरण में 47 अभ्यर्थियों और चूरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय की भूमिका सामने आने के बाद जांच अगले चरण में पहुंच गई है।
फर्जी डिग्रियों से नौकरी हासिल करने का मामला
पीटीआई भर्ती परीक्षा-2022 में कुछ अभ्यर्थियों ने फर्जी डिग्रियों का सहारा लेकर नौकरी हासिल की थी। जांच में यह सामने आया कि चूरू स्थित ओपीजेएस विश्वविद्यालय के कुछ अभ्यर्थियों ने जानबूझकर फर्जी डिग्रियों का इस्तेमाल किया था। अब एसओजी यूनिट ने इस मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है और संबंधित अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत किए गए दस्तावेजों की सत्यता को लेकर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
अगले चरण में दस्तावेजों का सत्यापन
अब एसओजी यूनिट द्वारा आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया में नामजद अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का अंतिम स्तरीय सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन में यह जांच की जाएगी कि क्या अभ्यर्थियों द्वारा पेश की गई डिग्रियां और प्रमाण पत्र सही हैं या वे जाली हैं। सत्यापन प्रक्रिया के बाद जो भी अभ्यर्थी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें उनकी भर्ती रद्द करने के साथ-साथ उन्हें आपराधिक दंड भी भुगतना पड़ सकता है।
विश्वविद्यालय की भूमिका की जांच जारी
इस मामले में ओपीजेएस विश्वविद्यालय की भी भूमिका जांची जा रही है। यदि विश्वविद्यालय की लापरवाही या किसी तरह की संलिप्तता पाई जाती है, तो विश्वविद्यालय के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, एसओजी यूनिट अन्य विश्वविद्यालयों से भी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया में है, जहां से फर्जी डिग्रियां जारी की गई हो सकती हैं।
राज्य सरकार का ध्यान
राज्य सरकार और शिक्षा विभाग इस मामले में पूरी सख्ती से कार्यवाही कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस प्रकार के फर्जीवाड़े को रोका जा सके। शिक्षा प्रणाली को सशक्त बनाने और उसे पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

