पोकरण में स्वच्छ भारत अभियान की खुली पोल, हाईवे किनारे कचरे के ढेर से बदहाल हालात
सरहदी जिले के प्रवेश द्वार और परमाणु नगरी के रूप में पहचान रखने वाले पोकरण में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। फलसूंड रोड स्थित हाईवे के पास जगह-जगह कचरे के बड़े ढेर लगे होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हाईवे के किनारे लंबे समय से कचरा जमा हो रहा है, लेकिन नियमित सफाई व्यवस्था के अभाव में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तेज हवा के कारण यह कचरा आसपास के क्षेत्र में फैल जाता है, जिससे न केवल बदबू की समस्या बढ़ रही है, बल्कि संक्रमण फैलने का भी खतरा बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति इसके विपरीत नजर आती है। लोगों ने आरोप लगाया कि नगर प्रशासन और संबंधित विभाग समय पर कचरे का निस्तारण नहीं कर रहे हैं, जिससे क्षेत्र की छवि प्रभावित हो रही है।
हाईवे के पास कचरे के ढेर लगने से यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूर-दराज से आने वाले लोग इस मार्ग से गुजरते समय बदहाल सफाई व्यवस्था को देखकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि यह क्षेत्र देश की महत्वपूर्ण पहचान रखने वाला इलाका है, ऐसे में यहां स्वच्छता व्यवस्था का मजबूत होना बेहद जरूरी है।
पोकरण में पहले से ही पर्यटकों और सैन्य गतिविधियों के कारण यह क्षेत्र संवेदनशील और महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में कचरे का इस तरह खुले में पड़ा रहना न केवल स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, बल्कि क्षेत्र की छवि को भी नुकसान पहुंचा रहा है।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द कचरे का निस्तारण कराया जाए और नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही, हाईवे के किनारे कचरा फेंकने वालों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग उठ रही है।
नगर प्रशासन से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि समस्या की जानकारी लेकर सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के प्रयास किए जाएंगे। जल्द ही क्षेत्र में विशेष सफाई अभियान चलाने की भी संभावना जताई जा रही है।
फिलहाल, स्थिति को लेकर लोगों में आक्रोश बना हुआ है और सभी की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी है। यह मामला एक बार फिर स्वच्छता व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़ा कर रहा है।

