वरिष्ठ शिक्षक भर्ती घोटाले में आरपीएससी के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के निलंबित सदस्य बाबूलाल कटारा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती–2022 (2nd Grade Teacher Bharti 2022) से जुड़े पेपर लीक मामले में शीर्ष अदालत ने कटारा को अंतरिम जमानत प्रदान की है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच, जिसमें जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस चंद्र शर्मा शामिल थे, ने मामले की सुनवाई के दौरान बाबूलाल कटारा को राहत दी। इसके साथ ही अदालत ने राजस्थान सरकार को आदेश दिया कि वे जांच की प्रगति रिपोर्ट और अन्य संबंधित विवरण दो सप्ताह के भीतर कोर्ट में प्रस्तुत करें।
इससे पहले बाबूलाल कटारा पर सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती परीक्षा में पेपर लीक प्रकरण में गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसके चलते उन्हें निलंबित कर दिया गया था। जमानत मिलने के बाद कटारा को फिलहाल न्यायिक हिरासत से छूट मिली है, लेकिन जांच प्रक्रिया और कोर्ट की निगरानी जारी रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम जमानत से मामले की सुनवाई और जांच प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा, बल्कि यह कटारा को न्यायिक प्रक्रिया में अपनी दलील पेश करने का अवसर प्रदान करती है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि रिपोर्ट और डिटेल समय पर पेश करना राजस्थान सरकार की जिम्मेदारी है।
इस फैसले के बाद शिक्षा और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही के मुद्दे फिर से चर्चा में आए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि राज्य सरकार और आरपीएससी इस मामले में किस तरह की कार्रवाई करते हैं और जांच के निष्कर्ष कितनी शीघ्रता से अदालत में पेश किए जाते हैं।
राजस्थान में सेकंड ग्रेड टीचर भर्ती घोटाला शिक्षा क्षेत्र के लिए एक गंभीर चिंता का विषय रहा है और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच होने से इस प्रकरण में निष्पक्षता सुनिश्चित होने की उम्मीद जताई जा रही है।

