रविवार को दोपहर बादल घिर आए और तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में चने के आकार के ओले भी गिरे। बोराव, भैंस रोड, गढ़, बड़ोदिया सहित आसपास के गांवों में ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को चिंता में डाल दिया है।
किसानों का कहना है कि ओले गिरने से चना, सरसों और गेहूं की फसलों को नुकसान होने की संभावना है। स्थानीय कृषक रमेश कुमार ने बताया, “हमने अपनी फसलों की संभाल की थी, लेकिन अचानक ओले गिरने से चना और सरसों की बालियां टूट गई हैं। यदि ऐसा लगातार हुआ तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है।”
ओलावृष्टि के बाद तेज बारिश ने क्षेत्र की सड़कों पर पानी भर दिया। इसके कारण रविवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट में काफी परेशानी हुई। सड़क किनारे बैठे सब्जी विक्रेताओं की सब्जियां पानी में बहने लगीं। कई विक्रेताओं ने बताया कि उन्हें नुकसान का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि बारिश ने उनकी सब्जियों की गुणवत्ता पर असर डाला है।
मौसम विभाग के अनुसार, इस बार की बारिश मानसून की देरी और हल्की गर्मी के बाद आई है। मौसम में हुई ठंडक ने वातावरण को कुछ राहत दी है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आगामी दिनों में हल्की बारिश और ओलावृष्टि के साथ तापमान में गिरावट हो सकती है।
स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और बारिश के दौरान सड़क पर सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने किसानों को भी सलाह दी है कि फसल की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं, जैसे कि खेतों में तात्कालिक रूप से ढकाव या ओले से होने वाले नुकसान को कम करने के उपाय अपनाना।
कृषि विशेषज्ञ डॉ. विनोद सिंह ने बताया कि चने और सरसों की फसल पर ओलावृष्टि का असर सबसे अधिक होता है। “ओले गिरने से पौधों की बालियों को नुकसान हो सकता है, जिससे फसल में कमाई प्रभावित हो सकती है। किसानों को जल्द से जल्द अपने खेतों की स्थिति का आकलन करना चाहिए,” उन्होंने कहा।
बारिश और ओलावृष्टि के बाद मौसम में आई ठंडक से लोगों को गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस हुई। ग्रामीण और शहरवासी दोनों ही मौसम की अचानक बदलाव से सावधान हैं। प्रशासन ने चेताया है कि अगले कुछ दिनों में तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है, इसलिए लोगों को अपने वाहनों और घरों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए।
इस तरह रविवार की अचानक बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों, व्यापारियों और स्थानीय लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया। हालांकि, बारिश ने वातावरण में ठंडक लाकर लोगों को गर्मी से राहत भी दी है। ग्रामीण क्षेत्र में किसानों की चिंता और हाट में व्यापारियों के नुकसान की खबर प्रशासन की भी निगरानी में है।

