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'सफलता सिर्फ पैसा और शोहरत नहीं, इंसानियत सबसे बड़ी जीत है' जयपुर में बोले विक्रांत मैसी, शुभांशु शुक्ला और साइना नेहवाल ने भी किया युवाओं को प्रेरित

'सफलता सिर्फ पैसा और शोहरत नहीं, इंसानियत सबसे बड़ी जीत है': जयपुर में बोले विक्रांत मैसी, शुभांशु शुक्ला और साइना नेहवाल ने भी किया युवाओं को प्रेरित

बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी ने कहा है कि सफलता की परिभाषा हर पीढ़ी के साथ बदलती रहती है। उन्होंने कहा कि जीवन में पैसा, नाम और सम्मान जरूरी हैं, लेकिन ये सभी अस्थायी हैं। सबसे महत्वपूर्ण इंसानियत, अच्छे संस्कार और अपने मूल्यों को बनाए रखना है। विक्रांत मैसी बुधवार को जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी में आयोजित तीन दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम 'ओरिएंट 2026' में छात्रों को संबोधित कर रहे थे।

हर पीढ़ी की सफलता की सोच अलग

विक्रांत मैसी ने अपने परिवार का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके दादा-दादी के समय सफलता का मतलब था कि परिवार को दो वक्त की रोटी मिल जाए। उनके माता-पिता के लिए सफलता का अर्थ था कि बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में पढ़ सकें और बेहतर भविष्य बना सकें। वहीं आज की पीढ़ी सफलता को पैसा, करियर, पहचान और अपने सपनों को पूरा करने से जोड़कर देखती है।उन्होंने कहा कि महत्वाकांक्षी होना अच्छी बात है, लेकिन केवल भौतिक उपलब्धियों को ही जीवन का लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए। इंसान की पहचान उसके व्यवहार, संवेदनशीलता और समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है।

अंतरिक्ष से पूरी धरती एक परिवार जैसी दिखती है

कार्यक्रम में भारतीय अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने भी छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने अपने अंतरिक्ष अनुभव साझा करते हुए कहा कि अंतरिक्ष से देखने पर पूरी पृथ्वी किसी एक परिवार की तरह दिखाई देती है। वहां से न सीमाएं नजर आती हैं और न ही देशों का विभाजन, बल्कि पूरी मानवता एक साथ दिखाई देती है।उन्होंने युवाओं से कहा कि आज का भारत आत्मविश्वासी, साहसी, महत्वाकांक्षी और निडर है। यही सोच देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी और युवाओं को बड़े सपने देखने चाहिए।

साइना ने साझा किए संघर्ष के अनुभव

विश्व की नंबर एक रह चुकी बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने भी छात्रों के साथ अपने जीवन के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि किसी भी लक्ष्य को हासिल करने के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत और लगातार प्रयास सबसे जरूरी हैं। असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ना ही सफलता का रास्ता है।

युवाओं को मिला प्रेरणा का संदेश

कार्यक्रम में तीनों हस्तियों ने विद्यार्थियों को जीवन में सकारात्मक सोच, निरंतर सीखने की आदत और अपने मूल्यों को बनाए रखने का संदेश दिया। वक्ताओं ने कहा कि करियर में सफलता के साथ-साथ एक अच्छा इंसान बनना भी उतना ही जरूरी है। उनके प्रेरक विचारों ने छात्रों में नया उत्साह और आत्मविश्वास भर दिया।

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