राजस्थान में पेड़ों की कटाई पर सख्ती: वीडियो में देंखे 25 से ज्यादा पेड़ काटने के प्रस्तावों की होगी उच्चस्तरीय जांच, 5 साल तक पौधों की निगरानी
राजस्थान में पेड़ों की सुरक्षा को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब प्रदेशभर में पेड़ों की गणना और उनकी जियो-टैगिंग कराई जाएगी। इसके साथ ही 25 से ज्यादा पेड़ काटने के प्रस्तावों की उच्चस्तरीय समिति जांच करेगी। समिति यह देखेगी कि पेड़ों को काटने की वास्तव में जरूरत है या नहीं और उन्हें बचाने के लिए दूसरे विकल्प अपनाए जा सकते हैं या नहीं।
एनजीटी ने जिला कलेक्टरों की अनुमति के बिना पेड़ काटने पर रोक लगाने और अवैध कटाई के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए हैं। ये आदेश एनजीटी की भोपाल स्थित सेंट्रल जोन बेंच ने 2 नवंबर को जयपुर के सी-स्कीम स्थित चौमूं हाउस पार्क में करीब 800 पेड़ों की कथित अवैध कटाई के मामले की सुनवाई के दौरान दिए।
25 से ज्यादा पेड़ काटने पर समिति करेगी जांच
एनजीटी ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) को उच्चस्तरीय सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह समिति 25 से ज्यादा पेड़ काटने के प्रस्तावों की जांच करेगी।समिति सबसे पहले यह पता लगाएगी कि संबंधित परियोजना या काम के लिए पेड़ों की कटाई जरूरी है या नहीं। इसके अलावा पेड़ों को बचाने के विकल्पों पर भी विचार किया जाएगा। पेड़ काटने की अनुमति देने से पहले इन सभी पहलुओं की पड़ताल करनी होगी।
पेड़ों की कटाई के बदले 10 से 100 गुना पौधरोपण
एनजीटी ने पेड़ काटने की अनुमति मिलने की स्थिति में क्षतिपूरक पौधरोपण कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके तहत काटे गए पेड़ों की संख्या के मुकाबले 10 से 100 गुना तक पौधे लगाने के विकल्प पर विचार किया जाएगा।पौधरोपण की संख्या तय करते समय स्थानीय परिस्थितियों और उपलब्ध जमीन को ध्यान में रखना होगा। यानी जहां जितनी जमीन और अनुकूल परिस्थितियां होंगी, उसके अनुसार पौधे लगाने की योजना तैयार की जाएगी।
कम से कम पांच साल तक होगी निगरानी
एनजीटी ने केवल पौधे लगाने तक जिम्मेदारी सीमित नहीं रखने को कहा है। लगाए गए पौधों के जीवित रहने और उनके विकास की निगरानी कम से कम पांच साल तक करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि क्षतिपूरक पौधरोपण का उद्देश्य पूरा हो रहा है।
चौमूं हाउस पार्क में 800 पेड़ों की कटाई का मामला
एनजीटी ने ये निर्देश जयपुर के सी-स्कीम स्थित चौमूं हाउस पार्क में करीब 800 पेड़ों की कथित अवैध कटाई से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिए। इस मामले में पेड़ों की कटाई को लेकर उठे सवालों के बीच ट्रिब्यूनल ने प्रदेशभर में पेड़ों की गणना और जियो-टैगिंग कराने सहित कई निर्देश जारी किए हैं।इन आदेशों के बाद राजस्थान में पेड़ों की कटाई से जुड़े प्रस्तावों की जांच और अनुमति प्रक्रिया पर निगरानी बढ़ेगी। खास तौर पर 25 से ज्यादा पेड़ काटने के मामलों में अब उच्चस्तरीय समिति की जांच और पेड़ों को बचाने के विकल्पों पर विचार करना जरूरी होगा।

