जैसलमेर बॉर्डर क्षेत्र में अतिक्रमण पर सख्ती: 15 किलोमीटर दायरे का होगा सर्वे, दिवाली से पहले होगी कार्रवाई
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे जैसलमेर क्षेत्र में अवैध कब्जों और नियमों के विपरीत निर्माणों पर प्रशासन सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। सीमा से 0 से 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद सभी निर्माणों और अतिक्रमणों का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। सर्वे रिपोर्ट के आधार पर नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों पर दिवाली से पहले कार्रवाई की जाएगी।
यह अभियान सीमा क्षेत्र की सुरक्षा, अवैध कब्जों की पहचान और संदिग्ध निर्माण गतिविधियों की जांच के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
एक सप्ताह से चल रहा है विशेष सर्वे
अधिकारियों के अनुसार, सीमा क्षेत्र में विशेष सर्वे अभियान शुरू हुए करीब एक सप्ताह हो चुका है। सर्वे के दौरान सीमा से सटे गांवों, ढाणियों, व्यावसायिक परिसरों और अन्य निर्माणों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है।
संबंधित विभागों और सुरक्षा एजेंसियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
अवैध निर्माण और फंडिंग की भी होगी जांच
सर्वे के दौरान बड़े निर्माण कार्यों और इमारतों की फंडिंग के स्रोतों की भी जांच की जाएगी। प्रशासन यह पता लगाएगा कि कहीं सीमा क्षेत्र में नियमों की अनदेखी कर निर्माण तो नहीं किए गए हैं।
यदि किसी निर्माण में अनियमितता या अवैध कब्जा पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिवाली से पहले शुरू होगी कार्रवाई
अधिकारियों को अक्टूबर तक सर्वे पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर अवैध कब्जों और नियमों के विपरीत निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू होगी। प्रशासन का लक्ष्य दिवाली से पहले ऐसे मामलों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
सुरक्षा एजेंसियां भी सक्रिय
सीमा क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां भी इस अभियान पर नजर बनाए हुए हैं। सर्वे के दौरान स्थानीय प्रशासन, राजस्व विभाग और सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया गया है।
'ऑपरेशन क्लीन' के तहत अभियान
सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई सीमा से सटे जिलों में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की जा रही है। हाल ही में केंद्रीय गृहमंत्री Amit Shah ने सीमा क्षेत्रों में अवैध कब्जों और संदिग्ध निर्माणों के मामलों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद प्रशासन ने सीमा क्षेत्र में व्यापक सर्वे और जांच प्रक्रिया शुरू की है।
प्रशासन ने दिए स्पष्ट संकेत
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी भूमि पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण या नियमों के विपरीत किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सर्वे के बाद दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
सीमा क्षेत्र में शुरू हुआ यह अभियान आने वाले महीनों में जैसलमेर और अन्य सीमावर्ती जिलों में बड़े बदलाव ला सकता है। अब सभी की नजर सर्वे रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।

