राजस्थान में आवारा कुत्तों का बढ़ता आतंक, हमलों के मामलों में दोगुनी बढ़ोतरी; जानें शिकायत का तरीका और हेल्पलाइन
राजस्थान में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में कुत्तों के हमलों के मामलों में पिछले एक साल में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर सुबह और शाम के समय बच्चों, बुजुर्गों और पैदल चलने वालों पर हमलों की घटनाएं अधिक सामने आ रही हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि कई कॉलोनियों और बाजार क्षेत्रों में आवारा कुत्तों के झुंड घूमते रहते हैं, जिससे रोजमर्रा की आवाजाही प्रभावित हो रही है। वहीं कई मामलों में लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं, जिन्हें अस्पताल में उपचार की जरूरत पड़ी।
प्रशासन की ओर से समय-समय पर कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर समस्या अभी भी बनी हुई है। ऐसे में नागरिकों के लिए यह जानना जरूरी है कि वे इस समस्या की शिकायत कैसे और कहां कर सकते हैं।
📝 आवारा कुत्तों की शिकायत कैसे करें? (Step-by-Step)
1️⃣ नगर निगम/नगरपालिका में शिकायत करें
अपने क्षेत्र के नगर निगम या नगर पालिका कार्यालय में जाकर या ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।
2️⃣ हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
अधिकतर शहरों में नागरिक सुविधा के लिए 311 हेल्पलाइन उपलब्ध है, जहां आप आवारा पशुओं से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
3️⃣ ऑनलाइन पोर्टल/मोबाइल ऐप का उपयोग करें
जयपुर और अन्य बड़े शहरों में नगर निगम के मोबाइल ऐप या वेबसाइट के जरिए भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
4️⃣ लोकेशन और समस्या स्पष्ट बताएं
शिकायत करते समय जगह, समय और समस्या (हमला, झुंड, बच्चों के लिए खतरा आदि) स्पष्ट रूप से बताना जरूरी है, ताकि कार्रवाई तेजी से हो सके।
5️⃣ फॉलो-अप करें
शिकायत दर्ज होने के बाद उसका रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर लें और समय-समय पर उसकी स्थिति की जानकारी लेते रहें।
☎️ महत्वपूर्ण हेल्पलाइन
- 311 नागरिक सेवा हेल्पलाइन (कई शहरों में लागू)
- स्थानीय नगर निगम कंट्रोल रूम नंबर
- आपात स्थिति में 100 / 112 पुलिस हेल्पलाइन
⚠️ क्या करें और क्या न करें
✔ बच्चों को अकेले बाहर भेजने से बचें
✔ सुबह-शाम सुनसान इलाकों में सावधानी रखें
✔ कुत्तों को उकसाने या पत्थर मारने से बचें

