जयपुर में SI 10 हजार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, वीडियो में जाने आर्म्स एक्ट केस में मदद और जब्त मोबाइल लौटाने के बदले मांगे थे 25 हजार
जयपुर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने गुरुवार को नाहरगढ़ थाने में तैनात एक सब इंस्पेक्टर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी पुलिसकर्मी की पहचान गिरधारी लाल के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने आर्म्स एक्ट के मामले में परिवादी को राहत दिलाने और पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल वापस करने के बदले रिश्वत की मांग की थी।
ACB के अनुसार, आरोपी एसआई ने परिवादी से कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत में बताया गया कि आरोपी पहले ही 5 हजार रुपए ले चुका था। इसके बाद बाकी रकम देने के लिए परिवादी पर दबाव बनाया जा रहा था। परिवादी ने मामले की शिकायत ACB से की।शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद ब्यूरो ने आरोपी पुलिसकर्मी को पकड़ने के लिए ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई। गुरुवार दोपहर करीब ढाई बजे ACB की टीम ने कार्रवाई करते हुए एसआई गिरधारी लाल को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
बताया गया है कि परिवादी के खिलाफ नाहरगढ़ थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने मामले में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। बाद में वह जमानत पर जेल से बाहर आया। इसके बाद उसे पुलिस द्वारा जब्त किए गए सामान और मोबाइल को वापस लेने की प्रक्रिया करनी थी।आरोप है कि इसी दौरान एसआई गिरधारी लाल ने परिवादी से संपर्क किया और मुकदमे में मदद करने तथा जब्त मोबाइल वापस करने के बदले रिश्वत की मांग की। कुल 25 हजार रुपए की मांग में से 5 हजार रुपए पहले लिए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद 10 हजार रुपए लेते समय ACB ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
कार्रवाई के बाद ACB की टीम आरोपी पुलिसकर्मी से पूछताछ कर रही है। ब्यूरो यह भी पता लगाने का प्रयास कर रहा है कि रिश्वत की मांग और लेनदेन में उसके अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।ACB की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भी हड़कंप मच गया। ब्यूरो की ओर से रिश्वतखोरी के मामलों में लगातार कार्रवाई की जा रही है और अधिकारियों-कर्मचारियों से भ्रष्टाचार से दूर रहने की अपील की जाती रही है।

