किशनगंज में चौंकाने वाला मामला, जिसे मृत समझकर किया अंतिम संस्कार, वह युवक अगले दिन जिंदा लौटा
बिहार के किशनगंज जिले के सदर थाना क्षेत्र (Kishanganj Sadar Police Station) से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन, पुलिस और अस्पताल की पहचान प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक को मृत मानकर परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार कर दिया गया, लेकिन अगले ही दिन वह जीवित अवस्था में अपने घर लौट आया।
जानकारी के अनुसार, मोतीबाग निवासी अमर चौहान को कुछ समय पहले एक गंभीर स्थिति में अस्पताल लाया गया था। डॉक्टरों द्वारा कथित तौर पर उसे मृत घोषित किए जाने के बाद परिजनों ने शव को अपने कब्जे में लेकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कर दी। परिवार ने बीते शुक्रवार को हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार कर दिया था।
लेकिन घटना ने उस समय चौंकाने वाला मोड़ ले लिया जब अगले ही दिन अमर चौहान अचानक घर लौट आया। जीवित व्यक्ति को सामने देखकर परिजन और स्थानीय लोग हैरान रह गए और पूरे इलाके में यह खबर तेजी से फैल गई।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह स्थिति न केवल भावनात्मक रूप से चौंकाने वाली थी, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। लोग यह समझ नहीं पा रहे हैं कि आखिर अस्पताल में पहचान और मेडिकल प्रक्रिया के दौरान इतनी बड़ी गलती कैसे हुई।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि अस्पताल रिकॉर्ड, शव पहचान प्रक्रिया और परिजनों को दिए गए दस्तावेजों की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि गलती कहां हुई।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में पहचान की प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण होती है और किसी भी स्तर पर लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है। इस घटना ने स्वास्थ्य व्यवस्था और पुलिस समन्वय पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल अमर चौहान के जिंदा लौटने के बाद परिवार में राहत और आश्चर्य दोनों का माहौल है, लेकिन इस पूरी घटना ने एक बड़े प्रशासनिक भ्रम की स्थिति पैदा कर दी है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला अब जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग इसे एक बड़ी प्रशासनिक चूक के रूप में देख रहे हैं।

