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 शेखावटी की बेटी ने मनवाया लोहा; 19 साल की उम्र में बनीं देश की सबसे युवा महिला सीए

 शेखावटी की बेटी ने मनवाया लोहा; 19 साल की उम्र में बनीं देश की सबसे युवा महिला सीए

राजकुमारी का मानना है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) बनना भले ही चुनौतीपूर्ण हो, लेकिन यह लक्ष्य असंभव नहीं है। उनका कहना है कि यदि विद्यार्थी नियमित मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ पढ़ाई करें तो वे निश्चित रूप से इस मुकाम तक पहुंच सकते हैं।

राजकुमारी ने बताया कि सीए कोर्स को देश के सबसे कठिन पेशेवर पाठ्यक्रमों में माना जाता है, लेकिन सही रणनीति और निरंतर अभ्यास से इसे सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी शुरुआत में इस कोर्स की कठिनाई से घबरा जाते हैं, जबकि धैर्य और आत्मविश्वास के साथ तैयारी करने से सफलता हासिल की जा सकती है।

उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि पढ़ाई के दौरान समय प्रबंधन पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। नियमित रूप से पढ़ाई करने, पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास करने और विषयों को गहराई से समझने से परीक्षा की तैयारी मजबूत होती है।

राजकुमारी का कहना है कि सकारात्मक सोच भी सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई बार असफलता मिलने पर विद्यार्थी निराश हो जाते हैं, लेकिन ऐसे समय में हिम्मत नहीं हारनी चाहिए। असफलता को अनुभव मानकर आगे बढ़ने से ही सफलता का रास्ता बनता है।

उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और शिक्षकों का सहयोग भी विद्यार्थियों के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। जब विद्यार्थी अपने लक्ष्य के प्रति पूरी लगन और अनुशासन के साथ मेहनत करते हैं तो उन्हें निश्चित रूप से सफलता मिलती है।

राजकुमारी के अनुसार यदि छात्र-छात्राएं नियमित मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बना लें, तो वे न केवल सीए जैसे कठिन कोर्स में सफलता प्राप्त कर सकते हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में अपने लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।

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