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शास्त्री नगर विवाहिता हत्या मामले में कोर्ट ने आरोपी को कड़ी चेतावनी दी, कहा – मानवता का लेशमात्र भी नहीं

शास्त्री नगर विवाहिता हत्या मामले में कोर्ट ने आरोपी को कड़ी चेतावनी दी, कहा – मानवता का लेशमात्र भी नहीं

राजधानी जयपुर के शास्त्री नगर इलाके में 30 वर्षीय विवाहिता की हत्या के मामले में न्यायालय ने आरोपी देवर के प्रति कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि आरोपी में मानवता का लेशमात्र भी शेष नहीं था। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि यदि ऐसे आरोपी को मृत्युदंड से कम सजा दी जाती है, तो यह न केवल न्याय के उद्देश्य को विफल करेगा, बल्कि समाज में अपराधियों को भी बढ़ावा देगा।

इससे पहले पुलिस ने आरोपी देवर को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि महिला के पति की मौत के बाद से ही आरोपी लगातार भाभी पर शादी के लिए दबाव डाल रहा था। महिला ने इस दबाव का विरोध किया, जिसके बाद आरोपी ने हत्या का अंजाम दिया।

कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि हत्या इतनी निर्मम और योजना बद्ध तरीके से की गई कि आरोपी ने अपनी भाभी के जीवन के प्रति कोई सहानुभूति नहीं दिखाई। न्यायालय ने यह भी जोड़ा कि इस तरह के अपराधों के लिए कड़ी सजा अनिवार्य है ताकि समाज में न्याय और सुरक्षा की भावना बनी रहे।

पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और इस मामले की जांच अभी भी जारी है। अधिकारीयों ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा और जांच दोनों में विशेष सतर्कता बरती गई।

स्थानीय निवासी और पड़ोसी इस घटना से स्तब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएँ इलाके की सुरक्षा और समाज में महिलाओं के प्रति सुरक्षा की चिंता बढ़ाती हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी असामान्य गतिविधि की सूचना तुरंत दें, ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि अदालत की यह टिप्पणी समाज में सजा और न्याय की दृढ़ता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में कठोर सजा न केवल अपराधियों के लिए चेतावनी का काम करती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा की भावना भी मजबूत करती है। इस प्रकार शास्त्री नगर विवाहिता हत्या मामला केवल एक अपराध ही नहीं बल्कि समाज में न्याय और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण संदेश भी बन गया है।

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