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राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, मई के मध्य में ही बढ़े तीखे तेवर; दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, मई के मध्य में ही बढ़े तीखे तेवर; दिन के साथ रातें भी तपने लगीं

Rajasthan में मई के मध्य में ही भीषण गर्मी ने अपने तीखे तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। राज्य के कई हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, जिससे दिन के साथ-साथ अब रातें भी तपने लगी हैं। इसका असर आमजन के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी साफ तौर पर देखा जा रहा है।

राज्य के पश्चिमी और उत्तरी जिलों में गर्म हवाओं और लू का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। दोपहर के समय सड़कें सुनसान नजर आने लगी हैं, जबकि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान के कारण जनजीवन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बार मई के शुरुआती और मध्य हिस्से में ही तापमान सामान्य से काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है। कई स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे गर्मी का प्रकोप और बढ़ गया है। रात के समय भी गर्म हवाओं के कारण लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है।

गर्मी का असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि पशु-पक्षियों पर भी इसका गंभीर प्रभाव देखा जा रहा है। पानी के स्रोतों में कमी और तेज धूप के कारण पशुओं को परेशानी हो रही है, वहीं पक्षियों के लिए भी भोजन और पानी की तलाश चुनौतीपूर्ण हो गई है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को गर्मी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचने, अधिक पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की अपील की गई है। साथ ही बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

गर्मी के बढ़ते असर का प्रभाव बिजली और पानी की मांग पर भी दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में बिजली की खपत बढ़ने से लोड बढ़ गया है, जबकि कुछ स्थानों पर पानी की समस्या भी सामने आने लगी है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है। ऐसे में लोगों को फिलहाल और सतर्क रहने की जरूरत है।

फिलहाल पूरे राज्य में भीषण गर्मी का दौर जारी है और लोग मानसून के आने का इंतजार कर रहे हैं।

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