राजस्थान में भीषण गर्मी का कहर, 46 डिग्री के पार पहुंचा पारा; 12 जिलों में लू का अलर्ट
राजस्थान इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है। प्रदेश के कई शहरों में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने अगले 4 से 5 दिनों तक राहत के आसार कम जताए हैं और 12 जिलों में लू को लेकर येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, पिलानी और चित्तौड़गढ़ राज्य के सबसे गर्म शहर रहे, जहां अधिकतम तापमान 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर में 46.1 डिग्री, बीकानेर में 46 डिग्री, जबकि फतेहपुर, कोटा, बाड़मेर और चूरू में भी तापमान 45 डिग्री के पार रिकॉर्ड किया गया। राजधानी जयपुर में भी पारा 43.6 डिग्री तक पहुंच गया, जिससे लोगों को तेज गर्म हवाओं और उमस का सामना करना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने चित्तौड़गढ़, बाड़मेर, बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में हीटवेव का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं बारां, झालावाड़, कोटा, प्रतापगढ़, बालोतरा, जोधपुर और श्रीगंगानगर समेत कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में गर्म और शुष्क हवाओं के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही अगले कुछ दिनों तक 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने की भी संभावना जताई गई है। इससे गर्मी और अधिक परेशान कर सकती है।
भीषण गर्मी का असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है। सबसे ज्यादा परेशानी मजदूरों, किसानों, बुजुर्गों और बच्चों को हो रही है। अस्पतालों में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।
मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा है कि बिना जरूरी काम के धूप में बाहर न निकलें, हल्के कपड़े पहनें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। फिलहाल राजस्थान में गर्मी से राहत मिलने के संकेत नहीं हैं और आने वाले दिन और मुश्किल भरे हो सकते हैं।

