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राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और कोहरे का असर: नए साल में पहली बार तापमान शून्य डिग्री पर रिकॉर्ड

राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और कोहरे का असर: नए साल में पहली बार तापमान शून्य डिग्री पर रिकॉर्ड

मावठ (December की बारिश) के बाद राजस्थान में अब कड़ाके की सर्दी और कोहरे का असर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने बताया कि नए साल 2026 के आगमन के साथ ही राज्य के कई हिस्सों में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई। राजधानी जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहली बार तापमान 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।

मौसम विभाग के अनुसार, राजस्थान के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में घना कोहरा छाया हुआ है। सुबह और रात के समय दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे आवागमन पर असर पड़ रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों और हाईवे मार्गों पर कोहरे के कारण वाहन चालकों को कठिनाई हो रही है। विभाग ने लोगों को सुरक्षित यात्रा और कोहरे के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

राज्य के पहाड़ी और मैदान क्षेत्रों में तापमान में गिरावट के साथ ही ठंडी हवाओं का असर भी देखा जा रहा है। कई जिलों में सुबह-सुबह की सर्दी से लोग झुलस रहे हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक तापमान में गिरावट का सिलसिला जारी रह सकता है और कई क्षेत्रों में शून्य से नीचे तापमान दर्ज हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस सर्दी में घरों और स्कूलों में ही लोग रहना पसंद कर रहे हैं। कई परिवारों ने हीटर और गर्म कपड़ों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य विभाग ने भी सर्दी के दौरान विशेष सावधानियों की सलाह दी है।

मौसम विभाग ने बताया कि राजस्थान के पश्चिमी इलाकों में ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। खेतों में फसल और पशुपालन करने वाले किसानों को सतर्क रहने और पशुओं के लिए पर्याप्त गर्म स्थान सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शीतलहर के इस दौर में लोगों को रात में बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनने और बच्चों तथा बुजुर्गों को विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं और कोहरे के कारण सड़क और हवाई यातायात प्रभावित हो सकता है।

जयपुर, कोटा, भीलवाड़ा, अजमेर, जैसलमेर और जयपुर संभाग के कई जिलों में तापमान गिरकर 0 डिग्री के आसपास पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो-तीन दिनों में शीतलहर और कोहरे का असर और बढ़ सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे सुबह-सुबह वाहन चलाते समय और बाहर निकलते समय अतिरिक्त सतर्क रहें।

स्थानीय प्रशासन ने भी सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूल और सरकारी कार्यालयों को सुबह के समय थोड़ी देर देरी से खुलने की सलाह दी गई है ताकि बच्चों और कर्मचारियों को कड़ाके की ठंड का सामना न करना पड़े।

राजस्थान में मावठ के बाद इस सर्दी और कोहरे की पहली कड़ी लहर ने आम जनता और प्रशासन दोनों के लिए चुनौती पैदा कर दी है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि आगामी दिनों में तापमान में और गिरावट और कोहरे की स्थिति बने रहने की संभावना है।

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