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उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया, राजस्थान में रेड अलर्ट जारी

उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे ने जनजीवन प्रभावित किया, राजस्थान में रेड अलर्ट जारी

उत्तर भारत में इन दिनों मौसम की मार लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर सीधे असर डाल रही है। उत्तर-पश्चिमी राज्यों में लगातार बढ़ती ठंड और घने कोहरे के कारण जनजीवन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। विशेष रूप से राजस्थान के कई जिलों में तापमान लगातार दो दिन से शून्य डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। मौसम की इस अप्रत्याशित कड़ाके की ठंड ने न केवल आम लोगों की परेशानी बढ़ाई है, बल्कि कृषि और परिवहन क्षेत्र को भी प्रभावित किया है।

मौसम विज्ञानियों के अनुसार, राजस्थान के रेगिस्तानी जिलों में इस समय शीतलहर ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। सुबह-सुबह खेतों में पड़ी फसलों की पत्तियों और गाड़ियों के बोनट पर ओस की बूंदें बर्फ की चादर में बदलती नजर आ रही हैं। स्थानीय किसानों का कहना है कि ऐसी ठंड और ओस से सरसों, गेहूं और अन्य फसलों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे आगामी फसल पर संकट मंडरा सकता है। वहीं, आम नागरिक भी सुबह के वक्त अपने दैनिक कामकाज में परेशानी महसूस कर रहे हैं।

राजस्थान में मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पश्चिमी राजस्थान के जिलों – जोधपुर, जैसलमेर, बाड़मेर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, पाली, जालौर, सिरोही, नागौर, सीकर और झुंझुनू – के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि इन जिलों में अगले दो दिनों तक 'सीवियर कोल्ड डे' (भीषण शीत दिवस) की स्थिति बनी रहेगी। रेड अलर्ट के तहत नागरिकों को अनावश्यक बाहर जाने से बचने, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को घर पर सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग ने कहा है कि ठंड का यह दौर फिलहाल उत्तर-पश्चिमी हवाओं के कारण है, जो लगातार रेगिस्तानी क्षेत्रों से होकर गुजर रही हैं। इसके अलावा, घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है, जिसने सड़क परिवहन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम होने के कारण सड़कों पर गाड़ियों की धीमी रफ्तार देखने को मिली। विशेष रूप से सुबह-सुबह और देर रात यात्रा करने वालों के लिए स्थिति जोखिम भरी बनी हुई है।

जनप्रतिनिधियों और प्रशासन ने नागरिकों को सुरक्षा उपायों के पालन के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सर्दी से बचाव के लिए पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने, खुली जगहों पर लंबे समय तक न रहने और आवश्यकतानुसार ही यात्रा करने की सलाह दी है। वहीं, ग्रामीण इलाकों में हीटिंग उपकरण और गर्म पानी की पर्याप्त व्यवस्था करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह ठंड का दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है। ऐसे में सभी नागरिकों को सतर्क रहना और मौसम विभाग द्वारा जारी की गई चेतावनियों का पालन करना अत्यंत आवश्यक है। उत्तर भारत में सर्दियों की यह प्रकोपकारी लहर न केवल लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों को भी प्रभावित कर रही है।

इस तरह, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में इस समय जनजीवन ठंड और कोहरे के प्रभाव में है, और प्रशासन तथा नागरिकों की सतर्कता ही इस मौसम की चुनौती से निपटने का एकमात्र उपाय बन रही है।

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