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माउंट आबू में अवैध निर्माणों पर एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई, प्रशासन सख्ती पर कायम

माउंट आबू में अवैध निर्माणों पर एक सप्ताह में दूसरी कार्रवाई, प्रशासन सख्ती पर कायम

पर्यटन स्थल माउंट आबू के ईको-संवेदनशील जोन (Eco-Sensitive Zone) में अवैध निर्माणों के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रशासन की रोक और चेतावनी के बावजूद निर्माण सामग्री माउंट आबू तक पहुँच रही है और कई अवैध निर्माण हो रहे हैं। यही कारण है कि एक सप्ताह में दूसरी बार प्रशासन ने अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की है।

स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि माउंट आबू में ईको-संसेटिव जोन के नियमों के तहत किसी भी प्रकार के निर्माण के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक है। हालांकि, कई लोग इन नियमों की अवहेलना कर रहे हैं और पहाड़ी क्षेत्रों और पर्यटन स्थल के आसपास अवैध भवन निर्माण कर रहे हैं।

पिछले सप्ताह प्रशासन ने पहली कार्रवाई में कई निर्माण कार्यों को रोकने के साथ निर्माण सामग्री जब्त की थी। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि सख्ती के बावजूद कुछ लोग नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इस सप्ताह भी प्रशासन ने ऐसे कई निर्माण स्थलों पर छापेमारी की और अवैध निर्माण सामग्री को जब्त किया।

वन एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि माउंट आबू की जैव विविधता और पर्यावरण सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है। अवैध निर्माण से पहाड़ी क्षेत्रों की मिट्टी और वनस्पति पर असर पड़ता है, जिससे भूस्खलन और पर्यावरणीय खतरे बढ़ सकते हैं।

स्थानीय नागरिकों और पर्यटकों ने भी प्रशासन की कार्रवाई का स्वागत किया है। उनका कहना है कि माउंट आबू का प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण सुरक्षा प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण रोकने के लिए कड़े नियम और निगरानी आवश्यक है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन स्थलों में अवैध निर्माण और भूमि का अतिक्रमण लंबे समय में पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था दोनों के लिए खतरा बन सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ईको-सेंसेटिव जोन में डिजिटल निगरानी और स्थानीय नागरिकों की भागीदारी से अवैध गतिविधियों को रोका जा सकता है।

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नियमों की लगातार अनदेखी करने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जुर्माने लगाये जाएंगे। अधिकारियों ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि वे अवैध निर्माणों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।

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