Samachar Nama
×

भिवाड़ी में पुलिस बर्बरता पर बवाल: नाबालिग दलित बालक वेंटिलेटर पर, थाना प्रभारी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर FIR

भिवाड़ी में पुलिस बर्बरता पर बवाल: नाबालिग दलित बालक वेंटिलेटर पर, थाना प्रभारी सहित 4 पुलिसकर्मियों पर FIR

राजस्थान के भिवाड़ी में कथित पुलिस बर्बरता का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पुलिस कस्टडी में कथित ‘थर्ड डिग्री’ का शिकार हुआ एक नाबालिग दलित बालक जयपुर के अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। घटना के बाद भारी आक्रोश फैल गया है और मामले में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।

जानकारी के अनुसार नाबालिग को पुलिस हिरासत में कथित तौर पर गंभीर प्रताड़ना दी गई, जिसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। हालत नाजुक होने पर उसे जयपुर रेफर किया गया, जहां वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर भर्ती है। बालक की गंभीर स्थिति ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और दलित समाज में भारी नाराजगी देखने को मिली। पुलिस हिरासत में कथित मारपीट और ‘थर्ड डिग्री’ के आरोपों को लेकर विरोध तेज हो गया। बढ़ते दबाव और जनआक्रोश के बाद पुलिस विभाग को कार्रवाई करनी पड़ी।

मामले में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों पर FIR दर्ज किए जाने को बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। दर्ज रिपोर्ट में हिरासत में प्रताड़ना और गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

सूत्रों के मुताबिक पूरे मामले की जांच उच्च स्तर पर मॉनिटर की जा रही है। पुलिस अधिकारियों से लेकर प्रशासन तक इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं। घटना ने पुलिस कार्यप्रणाली और कस्टोडियल हिंसा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

परिजनों का आरोप है कि बालक को पुलिस हिरासत में बेरहमी से प्रताड़ित किया गया, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। परिवार ने दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई और न्याय की मांग की है। अस्पताल में परिजनों और समर्थकों की चिंता बनी हुई है।

इस घटना के बाद मानवाधिकार और सामाजिक संगठनों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मामले की स्वतंत्र जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग उठाई है। घटना ने प्रदेश में पुलिस जवाबदेही को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

उधर पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले में दर्ज FIR के बाद जांच आगे बढ़ रही है और सभी तथ्यों की पड़ताल की जाएगी। जरूरत पड़ने पर आगे और कार्रवाई से भी इनकार नहीं किया गया है।

भिवाड़ी का यह मामला अब सिर्फ एक पुलिस कार्रवाई पर सवाल नहीं, बल्कि कस्टोडियल हिंसा और मानवाधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बनता जा रहा है। नाबालिग की हालत गंभीर होने से लोगों की चिंता और आक्रोश दोनों बढ़ गया है।

फिलहाल पूरे प्रदेश की नजर इस मामले पर टिकी है। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Share this story

Tags