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धौलपुर में 28 करोड़ की लागत से सड़क विकास कार्य तेज, गौरव पथ से शुरू हुई योजना अब सीसी रोड में तब्दील

धौलपुर में 28 करोड़ की लागत से सड़क विकास कार्य तेज, गौरव पथ से शुरू हुई योजना अब सीसी रोड में तब्दील

धौलपुर शहर में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 28 करोड़ रुपये की लागत से 27 सड़कों का निर्माण कार्य चल रहा है। नगर परिषद ने इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत गौरव पथ परियोजना से की थी, लेकिन निर्माण कार्य के दौरान डामर की उपलब्धता में बाधा आने के कारण योजना प्रभावित हो गई।

इसी वजह से कई स्थानों पर डामर आधारित सड़क निर्माण अधूरा रह गया। स्थिति को देखते हुए अब नगर परिषद ने रणनीति में बदलाव करते हुए सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया है। अधिकारियों का मानना है कि सीसी सड़कें अधिक टिकाऊ होती हैं और लंबे समय तक रखरखाव की आवश्यकता कम रहती है।

इस नई पहल की शुरुआत मचकुण्ड-बाड़ी लिंक रोड से की गई है, जहां तेजी से निर्माण कार्य चल रहा है। इस सड़क के बनने से क्षेत्रीय आवागमन में सुधार होगा और स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

नगर परिषद अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य शहर की प्रमुख और आंतरिक सड़कों को आधुनिक और मजबूत बनाना है, ताकि यातायात सुगम हो सके और बरसात के मौसम में होने वाली समस्याओं से राहत मिल सके।

स्थानीय नागरिकों ने इस विकास कार्य का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही उन्होंने अधूरी छोड़ी गई गौरव पथ परियोजना को लेकर चिंता भी जताई है। लोगों का कहना है कि शुरुआत में जिस योजना को डामर सड़क के रूप में शुरू किया गया था, उसके बीच में बदलाव से कार्य की गति प्रभावित हुई है।

वहीं, प्रशासन का कहना है कि संसाधनों की उपलब्धता और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि निर्माण कार्य समय पर पूरा किया जा सके और सड़कों की गुणवत्ता सुनिश्चित हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सही ढंग से पूरी होती है, तो धौलपुर की शहरी यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। इससे न केवल शहर के अंदर आवाजाही आसान होगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों को भी बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा।

कुल मिलाकर, 28 करोड़ रुपये की यह सड़क विकास योजना धौलपुर के शहरी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, हालांकि बीच में तकनीकी और संसाधन संबंधी चुनौतियों ने इसकी गति को प्रभावित किया है।

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