रितु बराला मारपीट केस: जयपुर पुलिस कमिश्नर ने जीरो FIR से किया इनकार, वीडियो में जाने 42 घंटे बाद कांग्रेस का धरना खत्म
जयपुर में रितु बराला मारपीट मामले को लेकर कांग्रेस और पुलिस के बीच विवाद बुधवार को नए मोड़ पर पहुंच गया। जयपुर पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने मामले में जीरो एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया है। इसके बाद सोमवार शाम से पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में धरने पर बैठे कांग्रेस नेताओं ने करीब 42 घंटे बाद आंदोलन समाप्त कर दिया। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य नेताओं से मिलने पहुंचे। करीब 12:30 बजे उन्होंने डोटासरा को एक पत्र सौंपा, जिसमें जीरो एफआईआर दर्ज नहीं करने के कारण बताए गए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अब वे एफआईआर दर्ज कराने के लिए अदालत का रुख करेंगे।
कमिश्नरेट के कमरा नंबर 9 में हुई बातचीत
रितु बराला मारपीट मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेता सोमवार शाम से जयपुर पुलिस कमिश्नरेट कार्यालय में धरने पर बैठे थे। बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल उनसे बातचीत करने पहुंचे।इस दौरान कमिश्नरेट के कमरा नंबर 9 में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और अन्य नेताओं के साथ चर्चा हुई। कांग्रेस नेता लगातार मांग कर रहे थे कि मामले में जीरो एफआईआर दर्ज की जाए, ताकि शिकायत पर कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सके।बातचीत के बाद करीब 11:30 बजे दो पुलिस अधिकारी पुलिस कमिश्नर का जवाब लेकर पीसीसी चीफ से मिलने पहुंचे। इसके बाद करीब 12:30 बजे सचिन मित्तल ने डोटासरा को एक लिखित पत्र सौंपा। इसमें जीरो एफआईआर दर्ज नहीं करने के पीछे पुलिस का पक्ष बताया गया।
पुलिस के इनकार के बाद कांग्रेस ने खत्म किया धरना
पुलिस कमिश्नर की ओर से जीरो एफआईआर दर्ज करने सेइनकार किए जाने के बाद कांग्रेस नेताओं ने धरना समाप्त करने का फैसला लिया। करीब 42 घंटे तक चले इस धरने के बाद नेता कमिश्नरेट कार्यालय से बाहर आ गए।हालांकि, कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि मामले में उसकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। नेताओं ने कहा कि अब वे एफआईआर दर्ज कराने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।कांग्रेस नेताओं की मांग थी कि रितु बराला मारपीट मामले में शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। पुलिस के लिखित जवाब के बाद धरना समाप्त तो हो गया, लेकिन मामले को लेकर राजनीतिक और कानूनी विवाद आगे बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को नारे लगाने से रोका
धरना समाप्त होने के बाद जब कांग्रेस नेता कमिश्नरेट कार्यालय से बाहर निकले, तो वहां मौजूद कार्यकर्ता नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के समर्थन में 'डोटासरा जिंदाबाद' के नारे लगाए।हालांकि, डोटासरा ने कार्यकर्ताओं को रोक दिया और उनसे केवल'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगाने के लिए कहा। इस घटनाक्रम के दौरान कमिश्नरेट कार्यालय के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौजूदगी बनी रही।
अब अदालत का रुख करेगी कांग्रेस
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पुलिस की ओर से जीरो एफआईआर दर्ज नहीं किए जाने के बाद अब वे अदालत के माध्यम से एफआईआर दर्ज कराने की मांग करेंगे। पार्टी का कहना है कि मामले में कानूनी प्रक्रिया के जरिए आगे कार्रवाई की जाएगी।जीरो एफआईआर ऐसी शिकायत होती है, जिसे घटना के क्षेत्राधिकार से अलग किसी भी पुलिस थाने में दर्ज कराया जा सकता है। बाद में उसे संबंधित क्षेत्र के थाने में जांच और आगे की कार्रवाई के लिए स्थानांतरित किया जा सकता है।फिलहाल, पुलिस कमिश्नर की ओर से डोटासरा को सौंपे गए पत्र में दिए गए कारणों और कांग्रेस की आगामी कानूनी कार्रवाई पर सबकी नजर है। करीब 42 घंटे का धरना समाप्त होने के बावजूद रितु बराला मारपीट मामला अब अदालत तक पहुंचने की संभावना के चलते चर्चा में बना हुआ है।

