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राजस्थान में OBC आरक्षण सर्वे की रफ्तार पर रिपोर्ट: बाड़मेर और सलूंबर सबसे आगे, कुछ जिलों में धीमी प्रगति

राजस्थान में OBC आरक्षण सर्वे की रफ्तार पर रिपोर्ट: बाड़मेर और सलूंबर सबसे आगे, कुछ जिलों में धीमी प्रगति

राजस्थान में आगामी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनाव से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आरक्षण को लेकर चल रहे सर्वे की प्रगति रिपोर्ट सामने आई है। 10 जुलाई से शुरू हुए इस सर्वे में अलग-अलग जिलों की कार्य गति में बड़ा अंतर देखने को मिला है।

रिपोर्ट के अनुसार, बाड़मेर और सलूंबर जिले सर्वे कार्य पूरा करने की रफ्तार में सबसे आगे रहे हैं। इन दोनों जिलों में प्रशासनिक टीमों ने निर्धारित समय के भीतर तेजी से आंकड़े जुटाने का काम किया है। वहीं, कुछ अन्य जिलों में सर्वे की गति अपेक्षाकृत धीमी रही, जिससे निर्धारित समयसीमा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

राज्य सरकार पंचायतीराज संस्थाओं और नगर निकायों में ओबीसी आरक्षण का वैज्ञानिक आधार तय करने के लिए यह सर्वे करा रही है। सर्वे के माध्यम से ओबीसी वर्ग की आबादी और उससे जुड़े अन्य आवश्यक आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं, ताकि आरक्षण का निर्धारण कानूनी और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप किया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, जिला स्तर पर गठित सर्वे टीमें घर-घर जाकर जानकारी जुटा रही हैं। एकत्र किए गए आंकड़ों का सत्यापन भी किया जा रहा है, जिससे अंतिम रिपोर्ट में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि जहां बाड़मेर और सलूंबर में सर्वे कार्य तेज गति से आगे बढ़ा, वहीं कुछ जिलों में कर्मचारियों की कमी, भौगोलिक परिस्थितियों और तकनीकी कारणों से काम अपेक्षित रफ्तार नहीं पकड़ सका। हालांकि संबंधित जिलों को सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का लक्ष्य तय समय में सर्वे पूरा कर उसकी रिपोर्ट तैयार करना है, ताकि आगामी पंचायतीराज और नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण से संबंधित प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके। इस सर्वे के नतीजे चुनावी तैयारियों और आरक्षण की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

प्रशासन का कहना है कि सभी जिलों की प्रगति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिन जिलों में सर्वे धीमी गति से चल रहा है, वहां अतिरिक्त संसाधन और कर्मचारियों की मदद से कार्य में तेजी लाने का प्रयास किया जा रहा है।

फिलहाल सर्वे का कार्य जारी है। अंतिम रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राज्य में ओबीसी आरक्षण को लेकर आगे की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।

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