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राजस्थान के मतदाताओं के लिए राहत, चुनाव आयोग ने SIR की अंतिम तिथि बढ़ाई

राजस्थान के मतदाताओं के लिए राहत, चुनाव आयोग ने SIR की अंतिम तिथि बढ़ाई

राजस्थान की जनता के लिए राहत की खबर है। चुनाव आयोग ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR – Special Intensive Revision) की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। इस आदेश के बाद, अगर किसी का नाम SIR लिस्ट में नहीं है तो उनके पास अब भी आपत्ति दर्ज कराने का मौका है। यह कदम उन मतदाताओं के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, जो किसी कारणवश अपनी जानकारी को सूची में नहीं देख पा रहे थे।

चुनाव आयोग के नए आदेश में केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि पुदुचेरी, गोवा, लक्षद्वीप और पश्चिम बंगाल को भी शामिल किया गया है। इस फैसले का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी योग्य मतदाता को मतदान के अधिकार से वंचित न किया जाए। आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि एसआईआर प्रक्रिया के तहत नामांकन में किसी भी प्रकार की गलती या छूट को ठीक करने का यह अंतिम अवसर है।

SIR का मतलब Special Intensive Revision है, जिसे चुनाव आयोग नियमित अंतराल पर संपन्न करता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। इसमें मतदाता अपने नाम की पुष्टि कर सकते हैं, अगर नाम सूची में नहीं है तो आपत्ति दर्ज करवा सकते हैं, और नाम में सुधार भी करवा सकते हैं।

चुनाव आयोग ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे इस प्रक्रिया को सभी नागरिकों तक पहुँचाने के लिए विशेष अभियान चलाएं। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल, मोबाइल एप्लिकेशन और मतदान केंद्रों पर हेल्प डेस्क की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य यह है कि हर योग्य मतदाता को मतदान में भाग लेने का पूरा अवसर मिले।

राजस्थान के मतदाताओं ने इस फैसले को स्वागतयोग्य बताया है। कई लोग जो पहले सूची में अपने नाम की कमी के कारण परेशान थे, अब अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और मजबूत करेगा और चुनाव में सभी योग्य मतदाताओं की भागीदारी सुनिश्चित करेगा।

चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि SIR में भाग लेने के लिए कोई भी उम्मीदवार या सामान्य नागरिक निर्धारित समयावधि के भीतर आवेदन कर सकता है। आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया का समय बढ़ाना एक सकारात्मक कदम है। इससे न केवल मतदाता सूची में सुधार होगा, बल्कि चुनाव में पारदर्शिता और निष्पक्षता भी सुनिश्चित होगी। यह कदम नागरिकों के लिए उनकी मतदान अधिकारों की सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण है।

चुनाव आयोग ने जनता से अपील की है कि वे इस अवसर का पूरा लाभ उठाएं और किसी भी प्रकार की अनियमितता या त्रुटि पाए जाने पर तुरंत आपत्ति दर्ज कराएं। इससे न केवल उनकी भागीदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि आगामी चुनावों में वोटिंग प्रक्रिया को भी सुचारू बनाने में मदद मिलेगी।

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