क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में बाहरी कोच अब नहीं दे सकेंगे कोचिंग, स्पोर्ट्स काउंसिल ने 6 महीने बाद लगाया प्रतिबंध
स्टेडियम में बाहरी लोगों द्वारा खिलाड़ियों को कोचिंग देकर पैसे कमाने के मामले में स्पोर्ट्स काउंसिल ने प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब बाहरी कोच क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र पर अपनी मर्जी से कोचिंग नहीं दे सकेंगे। बताया जा रहा है कि स्टेडियम में बाहरी लोग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के बदले फीस वसूल रहे थे। इस मामले में करीब छह महीने बाद प्रतिबंध लगाया गया है। फैसले के बाद खेल परिसर में प्रशिक्षण व्यवस्था और बाहरी प्रशिक्षकों की गतिविधियों को लेकर निगरानी बढ़ने की संभावना है।
स्टेडियम में कोचिंग देकर कमा रहे थे पैसे
खेल स्टेडियम और क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्देश्य खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं और व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। लेकिन यहां बाहरी लोगों द्वारा कोचिंग देकर पैसे कमाने की शिकायतों के बाद व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। आरोप है कि कुछ बाहरी लोग स्टेडियम परिसर में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते थे और इसके बदले उनसे पैसे लेते थे।
ऐसी स्थिति में यह सवाल भी उठता है कि सरकारी या खेल परिषद के नियंत्रण वाले परिसर में निजी कोचिंग की अनुमति किस आधार पर दी जा रही थी। यदि किसी बाहरी प्रशिक्षक को परिसर में प्रशिक्षण देने की अनुमति दी जाती है, तो उसके लिए स्पष्ट नियम और निर्धारित प्रक्रिया होना जरूरी है।
छह महीने बाद लिया गया फैसला
जानकारी के अनुसार, स्पोर्ट्स काउंसिल ने इस मामले में करीब छह महीने बाद प्रतिबंध लगाया है। फैसले के तहत बाहरी कोच क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र पर कोचिंग नहीं दे सकेंगे। इसका उद्देश्य स्टेडियम में प्रशिक्षण गतिविधियों को नियमों के दायरे में रखना और बिना अनुमति संचालित होने वाली निजी कोचिंग पर रोक लगाना बताया जा रहा है।
हालांकि, प्रतिबंध लागू करने की सटीक तारीख, आदेश में शामिल शर्तों और उल्लंघन पर होने वाली कार्रवाई का विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है। यह भी स्पष्ट होना जरूरी है कि पहले से पंजीकृत खिलाड़ियों या किसी विशेष खेल के प्रशिक्षण पर इस फैसले का क्या असर पड़ेगा।
खिलाड़ियों और अभिभावकों पर क्या होगा असर
स्टेडियम में प्रशिक्षण लेने वाले खिलाड़ियों और उनके अभिभावकों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है। यदि बाहरी कोचिंग पर रोक लगती है, तो खिलाड़ियों को प्रशिक्षण के लिए अधिकृत प्रशिक्षकों और निर्धारित व्यवस्थाओं पर निर्भर रहना पड़ सकता है। इससे प्रशिक्षण व्यवस्था में एकरूपता बनाए रखने में मदद मिल सकती है, लेकिन खिलाड़ियों को वैकल्पिक प्रशिक्षण सुविधाओं की जानकारी देना भी जरूरी होगा।
स्पोर्ट्स काउंसिल के लिए यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण होगा कि प्रतिबंध का पालन निष्पक्ष तरीके से हो और खिलाड़ियों के नियमित अभ्यास में अनावश्यक बाधा न आए। साथ ही, स्टेडियम परिसर में प्रशिक्षण देने वाले सभी लोगों की अनुमति और जिम्मेदारियों को स्पष्ट किया जाना चाहिए।
फिलहाल, बाहरी कोचों पर प्रतिबंध के आदेश और उसके विस्तृत नियमों की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही फैसले के दायरे और खिलाड़ियों पर पड़ने वाले वास्तविक प्रभाव की स्थिति स्पष्ट होगी।

